-विशेषज्ञ इसे 12वीं से 13वीं शताब्दी के आसपास के बता रहे

क्कन्ञ्जहृन्: दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड के ओझौल गांव के धर्मपुर में तालाब उड़ाही में भगवान विष्णु की मूर्ति निकली. विशेषज्ञ इसे 12वीं से 13वीं शताब्दी के कर्नाटककालीन बता रहे हैं. तालाब उड़ाही में लगे मजदूर मूर्ति को चांदी गांव पहुंच गए. सूचना मिलते ही ओझौल गांव के लोग चांदी पहुंच कर मूर्ति ले जाने की मांग करने लगे. इस बीच बहादुरपुर थाने की टीम पहुंच कर मूर्ति को मंदिर के कमरे रख दिया.

जेसेबी से हो रही थी उड़ाही

ओझौल में तालाब उड़ाही कार्य जेसीबी मशीन से चल रहा था. 10 फीट मिट्टी कटाई के बाद कुछ टकराने की आवाज आई जिससे काम कर रहे मजदूर चौंक गए. मिट्टी हटाने पर भगवान विष्णु की काले ग्रेनाइट पत्थर की मूर्ति निकली. चांदी गांव मूर्ति पहुंचते ही लोग भजन-कीर्तन करने लगे. इस बीच ओझौल के लोग पहुंचकर मूर्ति को ले जाने की मांग करने लगे. दोनों गांवों के बीच तनाव उत्पन्न हो गया. स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि लहेरियासराय और बहादुरपुर सहित चार थाने की पुलिस को बुलाना पड़ा. फिलहाल पुलिस ने चांदी गांव स्थित मंदिर में मूर्ति को रखा गया है. वहीं दैनिक जागरण आई नेक्स्ट से बात करते हुए लक्ष्मेश्वर सिंह संग्रहालय के सहायक संग्रहालय अध्यक्ष डॉ शिव कुमार मिश्र ने बताया कि धरती के अंदर का हर चीज सरकारी धरोहर है. मूर्ति लक्ष्मेश्वर सिंह संग्रहालय में रखना उचित होगा.

मूर्ति को लेकर ओझौल गांव और चांदी गांव के लोगों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया है. सुरक्षा के दृष्टि से मूर्ति को चांदी गांव के एक मंदिर में रखा गया है. पुलिस जांच में जुटी है.

-सत्यवीर सिंह, एसपी दरभंगा