- हर बार दिया जाता रहा आश्वासन

- आरसीएस नहीं हो सकी लागू

आगरा. ताज नगरी में पर्यटन को बढ़ाने के लिए एयर कनैक्टिविटी के हर बार दावे किए गए, लेकिन मंत्रियों और अफसरों के दावे हवा-हवाई ही साबित हुए. सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय संपर्क योजना आरसीएस योजना शुरू की, लेकिन लम्बा समय गुजर जाने के बाद भी यह योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी.

हर वर्ष आते हैं 6 लाख विदेशी पर्यटक

ताज नगरी में ताज का दीदार करने हर वर्ष 6 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक आते हैं. वहीं 80-90 लाख देशी पर्यटक भी ताजनगरी प्रतिवर्ष आते हैं. इसके बावजूद भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया. बता दें कि ताज नगरी को एयर कनैक्टिविटी से कनैक्ट किया जाता तो जूता, इंजीनियरिंग कम्पोनेन्ट्स, हैण्डीक्राफ्ट, कालीन, गारमेन्ट्स आदि के कारोबारियों को लाभ पहुंचता.

सिविल टर्मिनल एन्क्लेव को एनओसी मिली, लेकिन अड़चनें बरकरार

धनौली में प्रस्तावित सिविल टर्मिनल एन्क्लेव को एनओसी तो मिल चुकी है, लेकिन अभी अड़चनें बरकरार बनी हुई हैं. इसमें अभी गेल इंडिया द्वारा लाइन भी बिछाई जानी है. बता दें कि तकरीबन चार सौ करोड़ से सिविल टर्मिनल एन्क्लेव का निर्माण किया जाना है. इसके लिए 19.8299 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है. 2.6 एकड़ से ज्यादा जमीन रनवे के लिए है. अभी 63 करोड़ की किश्त मिली है. अफसरों द्वारा 17 फरवरी को बिल्डिंग के निर्माण का दावा किया जा रहा है. ये दावा कितना सही होगा. ये तो आगे आने वाला समय ही बता पाएगा. बता दें कि 3.48 करोड़ की लागत से सिविल टर्मिनल एन्क्लेव की बाउंड्रीबाल का निर्माण किया जा रहा है.

ताज नगरी की एयर कनैक्टिविटी से जुड़े फैक्ट

- आगरा के लिए वर्तमान में मात्र दो फ्लाइट हैं, जो एयर इण्डिया व एलाइन्स एयर की हैं, जो आगरा से खजुराहो और आगरा से जयपुर के लिए हैं.

- लम्बी दूरी जैसे-मुम्बई, गोवा, बंगलूरू, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता आदि के लिए कोई फ्लाइट शुरु नहीं हो सकी है.

- इलाहाबाद में अनेकों फ्लाइट हैं. आगरा में भी इस योजना के अंतर्गत हवाई उड़ानों की संख्या में वृद्धि होनी चाहिए थी, लेकिन अभी तक ये संभव नहीं हो सका.