- बीएसएफ के शहीद जवान सिकंदरा में लखनपुर के रहने वाले थे

- बेटे का जन्मदिन मनाने 20 को आना था छुट्टी पर, शोक में डूबा गांव

आगरा: जम्मू संभाग के सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा (आइबी) पर पाकिस्तानी घुसपैठियों से लोहा लेते हुए आगरा के जांबाज देवेंद्र सिंह शहीद हो गए. बाद में सीमा सुरक्षाबल के जवानों ने घुसपैठ कराने की साजिश को नाकाम कर दिया. बीएसएफ ने 19 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य के दौरे को ध्यान में रखते हुए हाई अलर्ट कर दिया है.

देश की सरहद की रक्षा करते हुए शहादत देने वाले सीमा सुरक्षाबल के 28 वर्षीय जवान देवेन्द्र सिंह बघेल पुत्र नारायण सिंह, लखनपुर, आगरा के रहने वाले थे. वे वर्ष 2011 में 173वीं बटालियन की बी कंपनी में शामिल हुए थे. वर्तमान में जम्मू संभाग के कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में तैनात थे. सांबा सेक्टर के मंगू चक में सोमवार देर रात पाक सैनिकों ने गोलाबारी शुरू कर दी. यह गोलीबारी आतंकियों को घुसपैठ कराने के लिए थी. रात करीब सवा बारह बजे मोर्चे से जवाबी फाय¨रग कर रहे देवेन्द्र सिंह बघेल आंख में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए. इलाज के लिए देर रात जम्मू ले जाते समय रास्ते में वह वीरगति को प्राप्त हो गए. सीमा सुरक्षाबल के डीजी केके शर्मा ने मंगलवार दोपहर फ्रंटियर मुख्यालय में शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए. शहादत की खबर आते ही लखनपुर गांव शोक में डूब गया. पत्‍‌नी पिंकी और मां रामवती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. देवेंद्र के दो साल का बेटा धीरज और नौ महीने की बेटी ऋतिका हैं. उन्हें बेटे का जन्मदिन मनाने छुट्टी पर 20 मई को आगरा आना था, लेकिन अब उनका पार्थिव शरीर आएगा.