- केंद्र सरकार से अनुमति के बाद राज्य सरकार का इंतजार

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में किया था आगरा से वादा

आगरा. विश्व प्रसिद्ध धरोहर ताजमहल के बाद अब आगरा की शान में एक और तमगा जुड़ने की उम्मीद फिर से जागी है. केंद्र सरकार ने आगरा में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की स्वीकृति दे दी है. अब प्रदेश सरकार को कैबिनेट में पास करना है. हालांकि आगरा में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, बैराज, हाईकोर्ट बैंच, थीम पार्क, मेट्रो जैसी परियोजनाओं के सब्जबाग सालोंसाल से दिखाए गए हैं, पर अब तक मिला कुछ नहीं है. एक बार फिर इंटरनेशनल स्टेडियम मिलने की उम्मीद जागी है.

प्रधानमंत्री के वादे को पूरा करने की बारी

वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभा के दौरान आगरा को इंटरनेशनल स्टेडियम देने का वादा किया था. सपा से लेकर भाजपा सरकार में आगरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तमाम सुविधाएं देने का वादा किया था, लेकिन आज तक आगरा को कुछ भी नहीं मिल सका है. केंद्र सरकार से स्वीकृति मिल जाने के बाद एक बार फिर से उम्मीद जागी है.

ताज महल से ही है पहचान

आगरा की ताजमहल से ही पहचान है. अगर इंटरनेशनल स्टेडियम आगरा में बन जाता है तो आगरा की शान में एक और चांद लग जाएगा. हालांकि आगरा इसका हकदार भी है. आगरा में नौ विधानसभा सीट हैं और दो लोकसभा सीट हैं, इनमें सभी भाजपा के ही विधायक और सांसद हैं. इसके अलावा मेयर और जिला पंचायत अध्यक्ष भी भाजपा के ही हैं. इस तरह से पूरा जिला भगवा हो गया है. अब भाजपा सरकार की जनता को देने की बारी है.

सांसद के प्रतिनिधि ने दिया सुझाव

सांसद चौधरी बाबूलाल के प्रतिनिधि डॉ. रामेश्वर चौधरी ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री और खेलमंत्री के नाम पत्र लिखा है. जिसमें सुझाव दिया है कि इंटरनेशनल स्टेडियम के लिए जमीन अधिग्रहण करने की आवश्यकता नहीं पडे़गी. इसके लिए रुनकता के पास सरकारी जमीन है. हालांकि सांसद चौधरी बाबूलाल ने पहले भी यही सुझाव दिया था.

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

अगर आगरा में इंटरनेशनल स्टेडियम बनता है तो पर्यटन व्यवसाय को पंख लग जाएंगे. अभी तक पर्यटन के लिए केवल ताजमहल ही एक मात्र साधन है. पर्यटन के साथ ही आगरा में और अन्य रोजगार के साधन विकसित होंगे.

आगरा में प्रतिभाओं की नहीं है कमी

बिना सुविधाओं के ही आगरा से अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाएं उभरी हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगरा का नाम रोशन किया है. अगर आगरा को अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम मिल जाता है तो और युवाओं को मौका मिलेगा. आगरा के दीपक चाहर, दीप्ति शर्मा, पूनम यादव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में योगदान दे रहे हैं.