क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : चुटिया में रिटायर्ड फॉरेस्ट ऑफिसर के आवास में डाका डालने के दरम्यान डकैतों द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियारों में से एक चाकू छूट गया था. पुलिस ने इसे बरामद कर लिया है. इस चाकू पर 'एके-47' का मार्का लगा है. छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि छोटे वारदातों को अंजाम देने के लिए बदमाशों द्वारा इस चाकू का इस्तेमाल ज्यादातर किया जाता है. खासकर सड़कों पर छिनतई और लूटपाट करने के क्रम में क्रिमिनल्स इस चाकू का धड़ल्ले से इस्तेमाल करते आ रहे हैं.

'एके-47' बनाने वालों की तलाश

रांची पुलिस रामपुरिया चाकू को एके-47 का नया नाम देने वाले की तलाश कर रही है. पुलिस यह भी पता करने की कोशिश कर रही है कि क्या कंपनी से ही लिखकर एके-47 आता है या फिर अपराधी उसे खरीदने के बाद उसमें एके-47 लिख देते हैं. इधर, एक चार्जशीटर ने पुलिस को बताया कि यह चाकू कहां और किस गिरोह के द्वारा बेचा जाता है. कौन गिरोह अभी इस चाकू का इस्तेमाल कर रहा है.

शौकिया लेते हैं चाकू

एके-47 चाकू बेचने वाले दुकानदारों ने बताया कि कुछ लोग शौकिया तौर पर इसे खरीदते हैं, जबकि बदमाशों के द्वारा इसका इस्तेमाल लूट व छिनतई की घटनाओं को अंजाम देने के लिए किया जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि चाकू खरीदने के लिए जब लोग आते हैं तो यह पहचान करना मुश्किल है कि कौन क्रिमिनल है और कौन अपनी सुरक्षा के लिए इसे लेना चाह रहा है.

चाकू बेचने पेर रोक नहीं

भारत में चाकू-तलवार जैसे हथियार को बेचने पर रोक नहीं है. पर्व त्योहारों और कई धार्मिक कायरें के लिए भी इनका प्रयोग किया जाता है. ऐसे में पुलिस चाह कर भी इस चाकू पर रोक नहीं लगा सकती है. हालांकि, एसएसपी अनीश गुप्ता कहते हैं कि इन चाकुओं की बिक्त्री करने वाले दुकानदारों को यह नसीहत दी जाएगी कि वह चाकू बेचने से पहले जरूरी जांच पड़ताल कर लें.

कोतवाली से सबसे ज्यादा बरामदगी

पुलिस के मुताबिक, कोतवाली थाना क्षेत्र से अब तक सबसे ज्यादा यह चाकू बरामद किए गए हैं. इसके अलावा रांची के लालपुर, अरगोड़ा, लोअर बाजार में भी अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद यह चाकू बरामद किए गए हैं. पिछले साल लालपुर थाना क्षेत्र में तो इस चाकू के बल पर लगभग एक दर्जन वारदातों को अंजाम दिया गया था.

200 से एक हजार तक है कीमत

वैसे तो यह 'रामपुरिया चाकू' के नाम से 70 के दशक से ही फेमस है. इसके कई प्रकार रांची के बाजारों में खुलेआम बिकते हैं. इसकी कीमत दो सौ रुपये से शुरू होती है जो एक हजार तक जाती है. खासकर एके-47 ब्रांड का चाकू सबसे अधिक बिक रहा है. इसकी कीमत बाजार में 600 रुपये है.

लड़कियां भी हैं खरीदार

कोतवाली थाना क्षेत्र के ही एक दुकानदार ने बताया कि इस चाकू का सबसे छोटा रूप जिसकी कीमत मात्र 150 रुपये है. उसकी सबसे ज्यादा खरीदार कॉलेज जाने वाली लड़कियां हैं. कॉलेज की लड़कियां इस चाकू को अपने पर्स में रखती हैं, ताकि समय आने पर वह अपनी सुरक्षा के लिए इसका इस्तेमाल कर सकें.