अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने आपात बैठक में लिया निर्णय

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ALLAHABAD: कुंभ मेला के लिए शहरी इलाकों और अखाड़ों में संत निवास सहित कराए जा रहे स्थाई निर्माण कार्यो की सुस्ती को लेकर संत-महात्माओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है. शुक्रवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की आपात बैठक कीडगंज स्थित बड़ा उदासीन अखाड़ा में हुई. इसमें परिषद के पदाधिकारियों और अखाड़ों से जुड़े संत-महात्माओं ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर कार्यो की हीला-हवाली को लेकर शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से अधिकारियों की शिकायत करने का निर्णय लिया है.

आपात बैठक सुन अफसरों के होश उड़े

परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि की ओर से शुक्रवार को सुबह दस बजे आपात बैठक बुलाने का मैसेज वायरल होते ही आला अधिकारियों के होश उड़ गए. श्री गिरि की मानें तो कमिश्नर डॉ. आशीष कुमार गोयल, प्रभारी डीएम व एडीए के वीसी भानु चंद्र गोस्वामी व कुंभ मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने फोन से संपर्क करके जानकारी हासिल की. उसके बाद तीनों अधिकारियों ने एक सुर में अखाड़ों में चल रहे स्थाई निर्माण कार्यो को 15 नवम्बर तक पूरा करने का आश्वासन दिया. जवाब से संतुष्ट ना होने पर बड़ा उदासीन अखाड़े के परिसर में बैठक की गई.

प्रस्तावों पर लगी मुहर

श्रद्धालुओं के लिए मेला क्षेत्र के आसपास पार्किंग की व्यवस्था और बसों का संचालन नि:शुल्क किया जाए.

महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सरकार की तर्ज पर प्रयाग कुंभ के लिए भी अखाड़ों को स्थाई निर्माण के लिए ढाई-ढाई करोड़ की राशि आवंटित की जाए.

अखाड़ों के पेशवाई मार्गो पर जो जायज जमीन है वहां पर अतिक्रमण ना कराया जाए बल्कि अवैध कब्जाधारकों से जल्द से जल्द जमीन खाली कराई जाए.

कब तक आश्वासन की घुट्टी पीते रहेंगे. सीएम के साथ होने वाली वार्ता में इस मुद्दे को प्रमुखता से रखा जाएगा और महाराष्ट्र व एमपी में आयोजित कुंभ से पहले आवंटित राशि की तरह ही यहां भी अखाड़ों को राशि देने की मांग की जाएगी.

-महंत नरेन्द्र गिरि,

अध्यक्ष अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद