ये धनराशि तो, ऊंट के मुंह में जीरा है..

- फिर भी ढाई साल में डेवलपमेंट पर खर्च हुए केवल 11 लाख

- वार्ड-44 पूरा पड़ाई का हाल, जो डेवलपमेंट के मामले में है सबसे पीछे

- क्षतिग्रस्त नाला है इस वार्ड की सबसे बड़ी समस्या, लोग हैं परेशान

- पार्षद का आरोप, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की मिल रही सजा

ALLAHABAD: मेन रोड से गलियों और बस्तियों की ओर कदम रखते ही हकीकत सामने दिखती है. जहां एक नहीं बल्कि दो दर्जन से अधिक गलियां हैं, सकरी और काफी चौड़े रोड हैं, लेकिन रोड चलने लायक नहीं है. क्योंकि गिट्टियां उखड़ी हुई हैं. वहीं आज तक इंटर लॉकिंग नहीं हुई. नालों की हालत यह है कि नदियों की तरह इस मोहल्ले में नालों का कटान जारी है, जो सड़कों को काट रही हैं. क्योंकि पक्के नाले नहीं बन सके हैं. सीवर लाइन भी नहीं है. कुल मिला कर वार्ड में समस्याएं ही समस्याएं हैं. समस्याएं इतनी हैं कि उसे दूर करने और डेवलपमेंट वर्क कराने में एक करोड़ रुपया भी कम पड़ जाए. इसके बाद भी नगर निगम की ओर से वार्ड ब्ब् पूरा पड़ाई वार्ड में केवल करीब क्0 लाख रुपए का ही कार्य कराया गया है. मोहल्ले के लोगों का कहना है कि ये धनराशि तो ऊंट के मुंह में जीरा है.

वार्ड- ब्ब्

मोहल्ला- पूरा पड़ाईन, पूरा दलेन, तिलक नगर, उमर गढ़वा, नेह कुंज, कृष्ण कुंज, बाघम्बरी गद्दी

आबादी- म्0 हजार

ख्0क्ब्-क्भ् के लिए प्रस्तावित बजट- क्क् लाख, भ्9 हजार, 9म्0 रुपया

ख्भ् परसेंट भी नहीं हुआ काम

पूरा पड़ाई वार्ड में तीन बड़े नाले हैं. जो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं. तिलक नगर का नाला तो पूरी तरह से टूट चुका है, जिसकी वजह से पूरा बाघम्बरी गद्दी का इलाका प्रभावित है. नाला क्षतिग्रस्त होने और ओवर फ्लो होने की वजह से रोड बैठ गई है. नाले की दीवार न बने से सड़क कटने लगी है. नाला चौड़ा होता जा रहा है और सड़कें पतली होती जा रही हैं. बाघम्बरी गद्दी नाला का भी यही हाल है. लोगों का कहना है कि अभी करीब चार-पांच महीने पहले ही म्.7भ् लाख रुपए की लागत से नाला बनवाया गया था. जो दो-तीन महीने के अंदर ही टूट गया. आरोप है कि नाला निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसकी जांच की मांग की जा रही है. वहीं तीसरा नाला प्रयाग घाट स्टेशन नाला है. करीब एक किलोमीटर लंबे इस नाले के मरम्मत का काम कुंभ मेले के दौरान हुआ था. कुंभ मेले से पहले टेंडर हुआ था, लेकिन भ्00 मीटर तक ही नाला बना. भ्00 मीटर नाले को छोड़ दिया गया. बचे हुए भ्00 मीटर नाले के मरम्मत का काम क्यों नहीं हुआ, इसका जवाब किसी के पास नहीं है.

सीवर लाइन न होने से होती है परेशानी

पूरे वार्ड में सीवर लाइन का विस्तार न होना सबसे बड़ी समस्या है. सीवर लाइन का विस्तार नहीं हो सका है. मेन रोड को छोड़ दिया जाए तो बस्तियों में सीवर लाइन बिछाने का काम नहीं हो सका है. बस्तियों की गंदगी आज भी नाली में बहती है. जो नालों के जरिये सीधे जाकर गंगा में गिरती है. जबकि गवर्नमेंट का प्रयास है कि सभी नालों व नालियों को सीवर लाइन से जोड़ा जाए.

वर्षो बाद भी नहीं बिछ सकी पाइप लाइन

अब इसे डेवलपमेंट में लापरवाही नहीं तो क्या कहेंगे. पूरा पड़ाई वार्ड की तीन गलियां ऐसी हैं, जहां वर्षो बाद भी पाइप लाइन नहीं बिछाई जा सकी है. मोहल्ले के लोग पिछले कई सालों से आस-पास के इलाकों से पानी लाकर काम चला रहे हैं. वहीं कुछ लोगों ने करीब दो-तीन सौ फीट लंबी पाइप लाइन को बगल के मोहल्ले तक दौड़ा रखा है. जिससे पानी पहुंचता है. जिन गलियों में पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है, उनमें प्रयाग घाट को जाने वाले रास्ते की गली, शिवराम त्रिपाठी की गली, चौरसिया लॉज के पास वाली गली शामिल है.

गलियां तो हैं लेकिन रास्ता नहीं

पूरा पड़ाई वार्ड शहर के घने व पिछड़े एरिया में एक है. जो सड़क पर कम बल्कि गलियों व बस्तियों में अधिक बसा हुआ है. अन्य वार्डो की तरह इस वार्ड का भी यही हाल है. क्योंकि गलियां तो हैं, लेकिन गलियों में जाने का रास्ता नहीं है. रास्ते इतने खराब हैं कि बड़ी मुश्किल से लोग आते-जाते हैं. एक दर्जन से अधिक गलियों की हालत खराब है.

मेरा वार्ड डेवलपमेंट के मामले में काफी पिछड़ा है. जिसके लिए करीब फ्0-ब्0 लाख रुपये के कार्य का प्रस्ताव बनाकर फाइल लगाया गया है. लेकिन मेरी फाइलों को गायब कर दिया जाता है. क्योंकि मैं भ्रष्टाचार में शामिल नहीं होता. भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही लड़ाई का हिस्सा हूं, इसीलिए मेरे वार्ड में काम नहीं होता. जो पार्षद मेयर के करीबी हैं, मेयर केवल उन्हीं पर मेहरबान हैं.

राजू निषाद

पार्षद- वार्ड-ब्ब् पूरा पड़ाईन

म्8 करोड़ की प्लानिंग फिर भी पिछड़ा

नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष सुशील कुमार यादव के वार्ड भ्8 दरियाबाद-ख् में डेवलपमेंट के लिए नगर निगम ने म्8 लाख 88 हजार रुपए खर्च करने का प्लान बनाया है. सुशील कुमार यादव करीब तीन दर्जन से अधिक वार्डो से बजट के मामले में आगे हैं. इसके बाद भी सुशील कुमार यादव का कहना है कि उनका वार्ड काफी पिछड़ा हुआ है. उन्होंने कई काम कराए, फिर भी अभी तक केवल फ्0-ब्0 परसेंट ही काम हुआ है. म्0 परसेंट काम अभी भी बाकी है. नाली, सड़क, खड़ंजा, नाला, सीवर के कार्यो में अभी भी काफी पीछे है.

वार्ड- भ्8- दरियाबाद-ख्

बलुआघाट का आधा हिस्सा, बाबा जी का बाग, मीरापुर का आधा हिस्सा, खटकाना, फक्कड़ नगर, हजरतगंज

आबादी- भ्0 हजार

ख्0क्ब्-क्भ् के लिए प्रस्तावित बजट- म्8 लाख 88 हजार 8ख्क् रुपया

ये बात सही है कि नगर निगम प्रशासन ने डेवलपमेंट में भेदभाव किया है. इसी भेदभाव के खिलाफ ही मैंने मोर्चा खोला है. मेरी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नहीं बल्कि सिस्टम से है. मेरा सवाल है कि आखिर डेवलपमेंट में भेदभाव क्यों है? प्रत्याषा में, अवस्थापना निधि से और क्फ्वां वित्त आयोग के धन से जो भी कार्य कराए गए हैं, उसका डिटेल सामने रखा जाए. ताकि पार्षदों को जानकारी हो सके कि हकीकत क्या है. नगर निगम की ओर से मेरे वार्ड के लिए म्8 लाख 88 हजार रुपए का जो बजट दिखाया गया है, उसमें हुए काम के साथ ही प्लानिंग वाले काम भी शामिल हैं, जो अभी हुए नहीं हैं.

सुशील कुमार यादव

पार्षद, वार्ड-भ्8 दरियाबाद-ख्