अगर डोनर जीका वायरस से संक्रमित क्षेत्र से वापस आया है तो 4 महीने तक नहीं कर सकेगा ब्लड डोनेट

ब्लड ट्रांसफ्यूजन की वजह से जीका वायरस फैलने से रोकने के लिए एनबीटीसी ने लिया फैसला

Meerut . देश के जिन राज्यों में जीका वायरस का प्रकोप फैला है, वहां से आने वाले लोग या जीका वायरस से संक्रमित लोग 120 दिन तक ब्लड डोनेट नहीं कर सकेंगे. यही नहीं ब्लड बैंक डोनर्स की पूरी स्क्रीनिंग के बाद ही ब्लड ले सकेंगे. नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल यानि एनबीटीसी ने इस संदर्भ में गाइडलाइन जारी की है.

यह है गाइडलाइन

कई राज्यों में जीका वायरस का प्रकोप फैलने के बाद एनबीटीसी की एडीजी व डायरेक्टर डॉ. शोबिनि राजन की ओर से बल्ड बैंक के लिए देशभर के सभी ब्लड बैंक को निर्देशित किया गया है. इसके तहत राज्य संचरण परिषद की सचिव डॉ. गीता अग्रवाल ने प्रदेशभर में इन्हें लागू करने के लिए कहा है.

ये हैं निर्देश

ब्लड बैंक को डोनर की ट्रेवल हिस्ट्री के बारे में पूरी जानकारी लेनी होगी.

अगर डोनर जीका वायरस से संक्रमित क्षेत्र से वापस आया है तो करीब 120 दिन या 4 महीने तक वह ब्लड डोनेट नहीं कर सकता है.

ब्लड डोनेट करने से पहले डोनर किसी भी बीमारी के लक्षणों से मुक्त होना चाहिए .

एक्यूट वायरल इंफेक्शन से पीडि़त डोनर ठीक होने के बाद भी दो हफ्ते तक ब्लड डोनेट नहीं कर सकते हैं.

अगर किसी डोनर या व्यक्ति को जीका वायरस या अन्य वायरल बीमारी के लक्षण खुद में महसूस होते हैं तो वह तुरंत ही ब्लड बैंक जाकर जांच करवाएंगे.

एनबीटीसी की ओर से जीका वायरस के लिए किसी भी प्रकार का ब्लड डोनर स्क्रीनिंग टेस्ट अप्रूव्ड नहीं किया गया है.

जीका वायरस क्षेत्र या देश से किसी प्रकार का ह्मयूमन प्लाज्मा नहीं मंगवाया जा सकेगा.

एनबीटीसी की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है. हम पूरी तरह से इनका पालन कर रहे हैं.

डॉ. कौशलेंद्र सिंह, ब्लड बैंक इंचार्ज, जिला अस्पताल