टेंडर पास करने में कुछ अधिकारियों पर लगा मनमानी का आरोप

अखिल भारतीय रेलवे कांट्रैक्टर्स अधिवेशन में लिया गया फैसला

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ALLAHABAD: देश से सामंती व्यवस्था समाप्त हुए एक जमाना हो चुका है लेकिन रेलवे में अब भी लागू है. रेलवे के कुछ अधिकारी ठेकेदारों को दोयम दर्जे का मानते हुए मनमानी करते हैं. लेकिन अब भारतीय रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन के सदस्य अधिकारियों की मनमानी बर्दाश्त नहीं करेंगे. आंदोलन के जरिये आवाज उठाएंगे. इंडियन रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर एसोसिएशन (इरिपा) के अखिल भारतीय अधिवेशन में रेलवे के ठेकेदारों ने यह निर्णय लिया. साथ ही रेलवे बोर्ड द्वारा पांच करोड़ तक के कार्यो पर प्राइज वेरिएशन क्लॉज यानी पीवीसी नहीं दिए पर आंदोलन की चेतावनी दी.

एकजुट होकर काम करें ठेकेदार

मुख्य अतिथि फूलपुर के सपा सांसद व इरिपा इलाहाबाद मंडल के पूर्व अध्यक्ष नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल ने कहा कि जब तक रेलवे के ठेकेदार एकजुट होकर काम नहीं करेंगे, अधिकारी परेशान करते रहेंगे. इरिपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाल कृष्ण शर्मा ने कहा कि रेलवे में जीएसटी को लेकर कई चीजें स्पष्ट नहीं हैं. इसका खमियाजा ठेकेदार भुगतना रहे हैं. राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक पाठक, मीडिया प्रभारी व महामंत्री भीमदत्त पांडेय आदि ने भी संबोधित किया. संचालन अजय अवस्थी ने किया.

सत्य प्रकाश बने अध्यक्ष

इरिपा की नई कार्यकारिणी की घोषणा में सत्य प्रकाश सिंह को अध्यक्ष और भीम दत्त पांडेय को महामंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई. केपी चौरसिया, विमल विश्वकर्मा, दीपू अवस्थी, दिनेश पांडेय को उपाध्यक्ष, पृथ्वी पाल सिंह को कोषाध्यक्ष, सुरेंद्र तिवारी को उप कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई. शोएब, फूलचंद्र सिंह, एस अहमद, एसके सिंह, नागेंद्र उपाध्याय, मंजूर अहमद, आशुतोष शर्मा, अविनाश शुक्ला, राकेश कुमार कार्यकारिणी सदस्य बनाए गए हैं.