क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : राज्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल रिम्स के आवासीय परिसर, मेडिकल कॉलेज, नर्सिग कॉलेज और हॉस्पिटल में डेंगू-चिकनगुनिया के पनप रहे लार्वा ने हॉस्पिटल मैनेजमेंट की नींद उड़ा दी है. डायरेक्टर ने इसे लेकर न सिर्फ पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अफसरों को फटकार लगाई है बल्कि पानी की खुली टंकियों को तत्काल कवर कर इसकी पूरी रिपोर्ट देने को कहा है. इतना ही नहीं, टंकियों को कवर करने के बाद उसकी तस्वीरें भी खींचकर देने को कहा गया है. गौरतलब है कि सेंट्रल रिव्यू टीम और हेल्थ डिपार्टमेंट के अफसरों हॉस्पिटल का जब जायजा लियो तो डॉक्टर्स कॉलोनी, नर्सिग कॉलेज और मेडिकोज हॉस्टल में मच्छरों का लार्वा मिला था.

24 घंटे में दें रिपोर्ट

रिम्स डायरेक्टर ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों से 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी है. उन्हें कहा गया है कि वे खुली टंकियों को कवर कर उसकी तस्वीरें उपलब्ध कराए. विभाग को यह भी कहा गया है कि वे हॉस्पिटल कैंपस में वाटर सप्लाई और सीवरेज-ड्रेनेज सिस्टम पर भी नजर रखें, ताकि वहां किसी भी सूरत में मच्छरों का लार्वा पनप नहीं सके.

छिड़काव करने का निर्देश

हॉस्पिटल में सफाई का काम देख रही एजेंसी को भी पूरे कैंपस का निरीक्षण रेगुलर करने को कहा गया है. इसके अलावा जहां कहीं भी जल जमाव नजर आए तो वहां तत्काल छिड़काव करने की पहल करे ताकि किसी भी हाल में मच्छर न पनपे. क्योंकि रिम्स कैंपस में लार्वा के प पनपने से डॉक्टर्स, नर्सेज, पारा मेडिकल स्टाफ्स, मरीज और उनके परिजनों को भी डेंगू-चिकनगुनिया अपनी चपेट में ले सकता है.

हर महीने 1.20 लाख पेमेंट करता है रिम्स

डायरेक्टर डॉ आरके श्रीवास्तव ने बताया कि रिम्स परिसर में वाटर सप्लाई और टंकियों की साफ-सफाई के एवज में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को हर माह 1.20 लाख रुपए रिम्स की ओर से पेमेंट किया जाता है लेकिन फिर भी विभाग की ओर से मेंटनेंस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. अगर विभाग दिए गए निर्देशों का पालन नहीं करती है तो उसके बिल का पेमेंट नहीं किया जाएगा.