बचाव के साथ ही ट्रीटमेंट से डायबिटीज होगा कंट्रोल, कई नई दवाएं हैं कारगर

इलाहाबाद कार्डियोवेस्क्यूलर सोसाइटी के दो दिवसीय सेमिनार का समापन

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ALLAHABAD: इलाहाबाद कार्डियोवेस्कुलर सोसायटी द्वारा द्वारा एएमए बिल्डिंग में आयोजित दो दिवसीय सेमिनार के दूसरे दिन हृदय रोग के साथ ही डायबिटीज पर चर्चा हुई. इसमें देश के विभिन्न हॉस्पिटल से आए डॉक्टरों ने कहा कि डायबिटीज रोगियों में हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा रहता है. इसलिए डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए विशेष ध्यान देना चाहिए.

अपने दिल को रखें स्वस्थ

सेमिनार के दूसरे दिन फोर्टिस एस्कार्ट हार्ट इंस्टीट्यूट दिल्ली के कार्डियोवेस्कुलर सर्जरी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ. जेडएस मेहरवाल ने कहा कि भारत में हार्ट फेल से लोगों की मौत के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इसे लेकर लोगों को अवेयर किया जा रहा है कि वे अपने दिल को स्वस्थ रखें.

डायबिटिक कैपिटल बन रहा है भारत

डॉ. शिवांजलि चतुर्वेदी ने कहा कि इंडिया में जिस तरह से डायबिटिज पेशेंट की संख्या लगातार बढ़ रही है, उसे देखते हुए इंडिया को अब डायबिटिक कैपिटल भी कहा जाने लगा है. कोई भी वर्ग अब इस बीमारी से नहीं बचा है. 20-25 वर्ष के युवा भी डायबिटीज के शिकार हो रहे हैं.

लाइफ स्टाइल को करें कंट्रोल

फोर्टिस हार्ट इंस्टीट्यूट से आए डॉ. जेडएस मेहरवाल ने कहा कि नई-नई टेक्निक से गंभीर बीमारियों का इलाज किया जा रहा है. आर्टीफिशियल हार्ट काफी सक्सेसफुल साबित हो रहा है. इलाहाबाद हार्ट सेंटर के डायरेक्टर डॉ. उमर हसन ने कहा कि स्वस्थ और फिट रहने के लिए आज की जेनरेशन को अपनी लाइफ स्टाइल को कंट्रोल करना होगा. नहीं तो डायबिटीज के साथ ही हार्ट रोग की चपेट में भी आ सकते हैं. चेयरपर्सन के रूप में डॉ. भरत अरोरा, डॉ. आनंद मिश्र, डॉ. अनुराग अग्रवाल, डॉ. एसएम त्रिपाठी, डॉ. सुबोध जैन, आइएमए के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल, एएमए के अध्यक्ष डॉ. अनिल शुक्ल, डॉ. अभिषेक शुक्ल, डॉ. विशाल आदि मौजूद रहे.