कोर्ट ने तलब किया रिकार्ड, सुनवाई 21 जनवरी को

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्वाचल के माफिया डॉन बृजेश सिंह को तिहरे हत्याकांड में सत्र न्यायालय गाजीपुर द्वारा बरी करने के खिलाफ आपराधिक अपील सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली है और पत्रावली तलब कर ली है. अपील की सुनवाई 21 जनवरी 19 को होगी.

कोर्ट ने मंजूर की अर्जी

यह आदेश जस्टिस रमेश सिनहा तथा जस्टिस डीके सिंह की खंडपीठ ने पंकज सिंह की धारा 372 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत दाखिल अपील दाखिल करने की अनुमति अर्जी पर दिया है. कोर्ट ने अर्जी मंजूर कर ली है. अर्जी पर अधिवक्ता दिलीप कुमार व अजय श्रीवास्तव ने बहस की. यह अपील अपर सत्र न्यायाधीश गाजीपुर के 24 जुलाई 18 के आदेश के खिलाफ दाखिल की गयी है. भांवरकोल थाना क्षेत्र में 1991 में हुई हत्या में बृजेश सिंह व अन्य आरोपी को कोर्ट ने बरी कर दिया था. जिसे याचिका में चुनौती दी गयी है. याची का कहना है कि गोलीबारी की घटना में 5 घायल हुए और 3 की मौत हो गयी थी. चश्मदीद गवाह जगरनाथ सिंह को गाली लगी थी. अधीनस्थ न्यायालय ने इसकी अनदेखी कर आरोपियों को बरी कर दिया है. हालांकि आरोपी 24 साल फरार रहने के बाद 2008 से जेल में बंद है. उनके खिलाफ दर्ज 28 आपराधिक मामलों में 20 में हत्या के आरोप हैं. पुलिस ने 1991 में चार्जशीट दाखिल की. जनवरी 08 में दिल्ली की स्पेशल टास्क फोर्स ने उड़ीसा से आरोपी को गिरफ्तार किया.

विरोधाभाषी हैं निष्कर्ष

जगरनाथ ने हाईकोर्ट से विचारण ठीक से न होने की शिकायत की थी. कोर्ट ने सभी गवाहों के बयान दर्ज करने के आदेश भी दिये थे. इसके खिलाफ एसएलपी खारिज हो गयी. चश्मदीद गवाहों के बावजूद कोर्ट ने हत्या के आरोपी को बरी कर दिया. कोर्ट के निष्कर्ष भी विरोधाभाषी है. इस पर कोर्ट ने अपील स्वीकार कर ली और अधीनस्थ न्यायालय की पत्रावली तलब कर पेपरबुक तैयार करने का निर्देश दिया है.