शिक्षा मित्र हैं महिला के चचेरी भाई, आरोप को साजिश बताया

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्राथमिक विद्यालय कौड़ीगांव, इलाहाबाद की अध्यापिका के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रधानाचार्य गुलाबधर यादव व अनुदेशक विजय की पुलिस रिपोर्ट पेश होने तक दर्ज प्राथमिकी के तहत गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है और याचियों को विवेचना में सहयोग करने का निर्देश दिया है.

आरोपियों ने कहा, आरोप झूठे

यह आदेश जस्टिस रमेश सिन्हा तथा जस्टिस अजय भनोट की खण्डपीठ ने गुलाबधर यादव व अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है. याचिका पर अधिवक्ता कुंजेश कुमार दूबे ने बहस की. याचिका में सराय ममरेज थाने में यौन उत्पीड़न के आरोप में दर्ज करायी गयी. प्राथमिकी को झूठे आरोप करार देते हुए रद करने की मांग की गयी थी. याची का कहना था कि शिकायतकर्ता महिला अध्यापिका के दो चचेरे भाई विद्यालय में शिक्षामित्र है. जिसके चलते प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. याची का कहना है कि विपक्षी महिला अध्यापिका स्कूल में अक्सर देरी से आती है. 15 अगस्त के कार्यक्रम में भी देरी से आयी. टोकने पर उसने यह प्राथमिकी दर्ज करायी है. याची हाईस्कूल में अध्यापक है. पहले वह प्राइमरी स्कूल में प्रधानाचार्या थी.