जयपुर (आईएएनएस)। राजस्थान के अलवर में हुर्इ लिन्चिंग की घटना इन दिनों चर्चा में है। अलवर की सीजेएम की अदालत ने बीते शनिवार को गो रक्षा के नाम पर  पीट-पीटकर मार दिए गए अकबर के मामले में न्यायिक जांच का आदेश दिया है। अब इस मामले को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम), राजगढ़ को सौंप दिया गया। पुलिस ने खुद इस घटना में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) से मामले की न्यायिक जांच के आदेश देने का अनुरोध किया था।

पुलिस ने न्यायिक जांच का किया था अनुरोध

वहीं इस संबंध में राजस्थान महानिदेशक ओपी गल्होत्रा ​​का कहना है कि अकबर के मामले में कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मौत की बात सामने आ रही है। इससे पुलिस जांच पर लोगों के सवाल उठ रहे थे। एेसे में पुलिस विभाग ने खुद न्यायिक जांच के लिए सीजेएम से अनुरोध किया था। राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि दुखी परिवार को 1.25 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। अकबर खान की मौत पुलिस की लापरवाही की वजह से हुर्इ है।

अकबर की मौत पुलिस कस्टडी मेें देरी की वजह से

बता दें कि शनिवार को मृतक अकबर खान दोस्त असलम के साथ लालवंडी के पास एक जंगल से गाय लेकर गुजर रहा था,  तभी पांच लोगों ने उन पर हमला किया था। हमलावरों द्वारा अकबर को बुरी तरह से पीटा जाने से उसकी मौत हो गर्इ थी। वहीं उसका साथी असलम किसी तरह से अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहा। हमलावरों को संदेह था कि अकबर गायों की तस्करी कर रहा था। वहीं कहा जा रहा है कि अकबर की मौत पुलिस कस्टडी मेें देरी की वजह से हुर्इ है।

अलवर लिन्चिंग : अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार, अब एडिशनल एसपी रैंक के अफसर को सौंपी गर्इ जांच

सुप्रीम कोर्ट ने मॉब लिन्चिंग पर कहा, किसी को कानून हाथ में लेने का नहीं है हक, संसद बनाए सख्त कानून

National News inextlive from India News Desk