अलविदा की नमाज में उमड़ी नमाजियों की भीड़, मस्जिदों में झुकाया सिर

बेहतरीन लिबास पहनकर और खुशबू लगाकर मस्जिदों में पहुंचे नमाजी

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ALLAHABAD: रहमतों की बारिश लेकर आए रमजान उल मुबारक के पाक महीने की अलविदा की नमाज खास रही. खास नमाज मस्जिदों में बड़े अकीदत और एहतराम के अदा की गई. शहर की जामा मस्जिद, जीरो रोड स्थित शिया जामा मस्जिद से लेकर बड़ी-छोटी मस्जिदों में बड़े-बुजुर्गो से लेकर छोटे-छोटे नमाजियों की लम्बी कतार देखी गई. नमाजियों ने बेहतरीन लिबास और खुशबू लगाकर अल्लाह की बारगाह में सजदा किया और छोटी ईद के रूप में प्रचलित अलविदा की नमाज की खुशियों को एक-दूसरे से साझा किया.

अलविदा की नमाज के लिए कोतवाली स्थित जामा मस्जिद, चक जीरो रोड स्थित जामा मस्जिद, काटजू रोड स्थित अब्दुल्ला मस्जिद, संगमरमर मस्जिद, मस्जिदे आजम, हरी मस्जिद, वसीउल्लाह मस्जिद, शाही मस्जिद व अबू बकर मस्जिद करेली सहित अन्य मस्जिदों में विशेष तैयारी की गई थी. नमाजियों ने वजू करने के बाद नमाज अदा की गई. शहर की कोई ऐसी मस्जिद नहीं रही जहां पर पैर रखने भर की जगह बची हो.

हर तरफ कुर्ता पायजामा पहने और टोपी पहने हुए नमाजी दिखाई दिए. चौक स्थित जामा मस्जिद व वसीउल्लाह मस्जिद में तो सड़क पर भी दरी बिछाकर नमाजियों ने अल्लाह की बारगाह में नमाज अदा की.

दहशतगर्दी को बढ़ावा दे रहा पाक

अलविदा की नमाज के मौके पर शिया जामा मस्जिद में नमाजियों को खिताब करते हुए इमाम जुमा मौलाना सैयद हसन रजा जैदी ने कहा कि पाकिस्तान, अमेरिका व सऊदी अरब जैसे देशों ने ऐसी नीतियां बना रखी है कि दुनिया का अमन व चैन बर्बाद हो रहा है. हमें ऐसी ताकतों से सावधान रहना होगा. इसके लिए उन्होंने आहवान किया कि धैर्य रखें, सावधानी बरतें और इन्हें कुचलें. चौक स्थित जामा मस्जिद में काजी ए शहर मुफ्ती शफीक अहमद शरीफी ने अपने खुतबे में जकात की खूबसूरती बयां की. कहा कि हमें सबसे पहले अपने उन नात रिश्तेदारों को जकात देना चाहिए जो बेहद गरीब है. उसके बाद आसपास के गरीबों की मदद जकात के रूप में करनी चाहिए.