- गुराई गांव निवासी युवक अर्जुन सिंह की जापान में संदिग्ध हालत

- सरकार की तरफ से मदद न मिलने से परिजनों में रोष

TEHRI: जापान में गुराई गांव निवासी युवक अर्जुन सिंह की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है. मौत के पांच दिन बाद भी परिजनों को शव नहीं मिल पाया है. सरकार की तरफ से कोई मदद न मिलने से पीडि़त परिवार पर रोष है. बेटे की मौत का सदमा झेल रहे पिता मोर सिंह बिष्ट अकेले ही इस मामले में इंसाफ के लिए लड़ रहे हैं. प्रशासन की ओर से मात्र पटवारी के अलावा कोई अफसर नहीं भेजा गया है.

होटल में काम करने गया था जापान

देवप्रयाग ब्लॉक के गुराई गांव निवासी अर्जुन सिंह की छह जुलाई को जापान में संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी. उसके बाद से अभी तक शव भारत नहीं लाया जा सका है. मृतक अर्जुन सिंह के पिता मोर सिंह ने बताया कि उनका बेटा ढाई माह पूर्व जापान में टिहरी निवासी राजेंद्र सिंह रमोला के होटल में काम करने गया था. आरोप है कि होटल स्वामी मामले में पूरी जानकारी देने के लिए बचने का प्रयास कर रहे हैं. मोर सिंह ने बताया कि उनका भतीजा मोहन सिंह भी जापान के एक होटल में काम करता है. उसने बताया कि होटल स्वामी राजेंद्र रमोला ने अर्जुन की मौत पर 16 लाख तक की सहायता देने की बात कही है. इसमें शव भारत भेजने में आने वाला आठ लाख तक का खर्चा भी शामिल है. परिजनों ने होटल मालिक रमोला से अर्जुन के शव को अपने खर्च में भेजने को कहा है. साथ ही उन्होंने भारत सरकार से बेटे की मौत की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि घटना के समय मौके पर मौजूद सभी लोगों को भारत लाकर पूछताछ की जानी चाहिए. इससे आरोपितों को सजा मिल सकेगी. जापान में हुए अर्जुन सिंह के पोस्टमार्टम में सामान्य मृत्यु होने की बात को परिजनों ने पूरी तरह नकार दिया है. उन्होंने शव को भारत लाकर दोबारा पोस्टमार्टम करने की मांग की है. मृतक की पत्नी लीला पांच दिन से सदमे में है. उधर उप राजस्व निरीक्षक खिमानंद बहुगुणा का कहना है कि उन्होंने अर्जुन के परिजनों से बातचीत के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी टिहरी को भेज दी है. इसमें जिला प्रशासन अग्रिम कार्रवाई को विदेश मंत्रालय से संपर्क करेगा.