-दिनभर देश के प्रमुख संतों के साथ रहे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष

-अमित शाह ने साथ में ही किया स्नान-ध्यान और भोजन

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PRAYAGRAJ: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को अपने कुंभ प्रवास के दौरान देश के संत समाज को साधने का भरपूर प्रयास किया. संगम नोज पर जुटे संत समाज ने एक स्वर में अमित शाह को आगामी 2019 के लोकसभा चुनाव में जीत का आर्शीवाद दिया. लोकसभा चुनाव के मद्देनजर शाह के इस दौरे को अहम माना जा रहा था. इस दौरान अमित शाह ने संतों के साथ स्नानकर, उनके साथ सहभोज कर राम मंदिर मुद्दे पर बढ़ रही खाई को पाटने की कोशिश की.

खेमों में बंटे संत, मिले

कल तक खेमों में बंटे संत बुधवार को अमित शाह के आगमन से ठीक पहले एक साथ थे. संगम नोज पर शाह के आगमन से पहले देशभर के विभिन्न मतों और संप्रदायों के साधु-संत जुट गए थे. सुप्रीम कोर्ट में राममंदिर की पैरवी कर अयोध्या में हनुमानगढ़ी के महंत धर्मदास का रुख अमित शाह के आगमन से पहले उखड़ा-उखड़ा था. हालांकि संगम नोज पर ही बातचीत के बाद वे मीडिया के समक्ष बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को केन्द्र में दोबारा सरकार बनाने के लिए आर्शीवाद देते नजर आए.

मंदिर हनुमानजी बनवाएंगे

राममंदिर के सवाल पर कन्नी काटते हुए महंत धर्मदास बोले कि मंदिर कोई नेता या पार्टी नहीं बनवाएगी? बल्कि मंदिर तो हनुमान जी बनवाएंगे. हनुमान जी ही मंदिर निर्माण की तारीख तय करेंगे. सुप्रीम कोर्ट पर ठीकरा फोड़ते हुए महंत ने कहा कि सुनवाई में हीलाहवाली मंदिर निर्माण में हो रही देरी की वजह है. गौरतलब है कि सभी संतों को इकट्ठा करने में जूना अखाड़ा के प्रमुख, आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद महाराज ने अहम भूमिका निभाई थी.

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष के बदले सुर

मंगलवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत निर्मल दास जी ने अखिलेश यादव को प्रयागराज जाने से रोकने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी. कहा था कि वे (अखिलेश यादव) संतों से मिलने आ रहे थे, संत समाज प्रदेश की योगी सरकार के इस कृत्य से नाराज है. यहां संगम नोज पर अमित शाह के साथ स्नान के बाद अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने पार्टी अध्यक्ष को सरकार बनाने के लिए आर्शीवाद दिया. बातचीत में वे बोले कि राममंदिर निर्माण के संकल्प को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ में डुबकी लगाई है. हालांकि तुरंत बाद ही वे बोले कि मंदिर कोई सरकार नहीं बनाएगी बल्कि संत समाज बनाएगा. महाशिवरात्रि पर देशभर का संत समाज वाराणसी में इकट्ठा होकर मंदिर निर्माण पर रणनीति तय करेगा. योग गुरु बाबा रामदेव, सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पाण्डेय के अलावा देशभर के प्रमुख संत मौजूद थे. सेक्टर 14 स्थित अवधेशानंद महाराज के आश्रम में सभी संतों के साथ अमित शाह ने सहभोज किया.

रामलाल की मौजूदगी के बड़े मायने

राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ संगम तट पर पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव संगठन रामलाल की मौजूदगी के खास मायने निकाले जा रहे थे. रामलाल कुंभ प्रवास के दौरान अमित शाह के साथ रहे तो वहीं अवधेशानंद महाराज के आश्रम में अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ ने संतों के बाद बातचीत भी की. राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया, भागवतकथा वाचक देवकीनंदन ठाकुरजी समेत संत समाज मौजूद था.

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बोले संत..

संगम तट पर अमित शाह के साथ स्नान के बाद राम मंदिर मुद्दे का समाधान हो जाएगा, यह हमारी आत्मा की आवाज है. इस प्रकरण में अब सरकार को कोई बड़ा रोल नहीं है. सुप्रीम कोर्ट अब जल्द से जल्द इस केस में डेट लगाए और सुनवाई को आगे बढ़ाए.

-धर्मदास महाराज, महंत हनुमानगढ़ी, अयोध्या

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राम मंदिर निर्माण कोई सरकार नहीं बल्कि संत समाज करेगा. महाशिवरात्रि पर राम मंदिर निर्माण पर संत समाज वाराणसी में आगामी रणनीति बनाएगा.

-नरेंद्र गिरि, अध्यक्ष, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद

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आज अमित शाह जी का मन था कि वे देश के सभी साधु-सन्यासियों के साथ संगम स्नान करें. सहभोज करें. आज हमारे साथ सभी संप्रदाय सभी मतों के साधु सन्यासी मौजूद हैं.

-स्वामी अवधेशानंद महाराज, प्रमुख जूना अखाड़ा