PATNA: पटना सिटी में गाय, कुत्ता, बिल्ली, खरगोश, ऊंट के साथ हर प्रतिबंधित पशु की बड़ी मंडी लगती है. यहां पुलिस और वन विभाग के अफसर भी मजबूर हैं. पशु तस्करों का नेटवर्क इतना मजबूत है कि वह कानून को भी पिजड़े में बंद कर देते हैं. धंधे के बीच में कोई भी आता है तस्कर उसकी जान लेने को तैयार हो जाते हैं. शुक्रवार को भी ऐसा ही हुआ. पशुओं को पिजरे से आजाद कराने और पशु क्रूरता अधिनियम की लड़ाई लड़ने वाले समाजिक कार्यकर्ता सुजीत चौधरी ने जब ऊंटो के कारोबार का विरोध किया तो पशु तस्करों ने उनपर जानलेवा हमला कर दिया. पहले आंख में जहरीला दूध डालकर अंधा बनाने की कोशिश की गई फिर खूनी खेल खेला गया. पीडि़त एनएमसीएच में भर्ती है जबकि पुलिस केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है.

18 ऊंटों का होना था सौदा

जन चेतना अभियान और आंदोलन के कार्यकारी अध्यक्ष सुजीत चौधरी के मुताबिक कई थाना एरिया से होकर गुजरा यह ऊंट गायघाट स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय गुलजारबाग के नवनिर्मित भवन परिसर में पहुंचा था. वहां जाकर वह ऊंट पालकों को कानूनी प्रावधान की जानकारी देकर जागरूक करने का प्रयास करने लगे. इसी बीच राजू नाम के एक व्यक्ति ने हमला कर दिया. अगस्त में क्ख् ऊंटों को जब्त कराने में सक्रिय रहने के कारण वह सुजीत को पहचानता था. वह पहले सुजीत को ईंट-पत्थर, लाठी से मारा और फिर अकोन का जहरीला दूध आंखों में डालकर अंधा करने का प्रयास करने लगा. देखते ही देखते कई पशु तस्कर सुजीत पर टूट पड़े और लाठी डंडा से पीटने लगे. सुजीत ने किसी से तरह से भागकर जान बचाई.

ऊंट को राजस्थान की सरहद पार कराना अपराध

ख्भ् फरवरी ख्0क्म् को भारत के राष्ट्रपति द्वारा अनुमति प्राप्त एवं राजस्थान राज्य विधान मंडल द्वारा मार्च ख्0क्म् में पारित कानून के तहत ऊंट को राजस्थान में ही होना है. राजस्थान के च्च्च न्यायालय ने इस कानून का सख्ती से पालन करने का आदेश जारी कर रखा है. इसके बाद भी पटना सिटी में खुलेआम कानून का उलंघन हो रहा है. हालांकि क्ख् अगस्त को सुजीत चौधरी के प्रयास पर आलमगंज थाना एरिया के गायघाट से क्ख् ऊंटों को बरामद किया गया था. इस मामले में दिल्ली की ध्यान फाउंडेशन की अधिकारी जेनी ने पटना डीएम संजय अग्रवाल से मिलकर कानून के बारे में बताया था.

प्रतिबंधित पशुओं का खुलेआम होता है धंधा

पटना सिटी एरिया में हर प्रतिबंधित पशुओं का खुलेआम धंधा होता है. भालू से लेकर अन्य कई प्रतिबंधित पशुओं को यहां बेचा जाता है. पुलिस और वन विभाग के अफसरों को भी पता है कि पशु क्रूरता अधिनियम का उलंघन हो रहा है लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती है. देश में ऊंटों की संख्या महज फ्0 हजार है, इसके बाद भी पटना में उनका सौदा हो रहा है. सुजीत काफी दिनों से पशु तस्करों की आंख में गड़े थे और आज मौका पाकर तस्करों ने उनकी जमकर पिटाई कर दी.

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