-दिव्यांगजनों को सरकारी नौकरियों में एक फीसद ज्यादा आरक्षण का रास्ता साफ

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LUCKNOW:

राज्यपाल राम नाईक ने 'उत्तर प्रदेश लोक सेवा (शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) (संशोधन) अध्यादेश 2018' को मंजूरी दे दी है. राज्यपाल ने मौजूदा समय में राज्य विधान मंडल सत्र न होने के कारण व विषय की तात्कालिकता को देखते हुए अध्यादेश को स्वीकृति दी है. इससे दिव्यांगों को सरकारी नौकरियों में तीन के बजाय चार फीसद आरक्षण मिल सकेगा.

सभी तरह के नि:शक्त शामिल

भारत सरकार के अधिनियम में परिभाषित शारीरिक रूप से दिव्यांग की परिभाषा के अनुसार इस अध्यादेश में दिव्यांग की परिभाषा की जगह पर शारीरिक निशक्तता के रूप में परिभाषित की गई है. इसमें दिव्यांगों के लिए चार फीसद आरक्षण की व्यवस्था की गई है. प्रदेश सरकार ने इस अध्यादेश को 20 जुलाई को राजभवन मंजूरी के लिए भेजा था. राज्यपाल ने 21 जुलाई शनिवार को इस अध्यादेश को मंजूरी दे दी. सरकारी नौकरी में पदों के सभी समूह में संवर्ग सदस्य संख्या में कुल रिक्तियों की संख्या का 4 प्रतिशत नि:शक्त व्यक्तियों से भरा जायेगा जिसमें दृष्टिहीन और कम दृष्टि, बधिर और श्रवण शक्ति ह्रास, प्रमस्तिष्कीय अंगघात, उपचारित कुष्ठ, बौनापन, एसिड अटैक पीडि़त और मांसपेशी कमजोरी समेत चलने में नि:शक्तता से ग्रसित व्यक्तियों बौद्धिक नि:शक्तता, मानसिक अस्वस्थता साथ ही बधिर व अंधता के लिये एक प्रतिशत पद आरक्षित किया जाएगा.