- कॉमनवेल्थ में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे असब, अन्नू और गरिमा

MEERUT: अगले महीने के अंत में होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों के लिए मेरठ की स्पो‌र्ट्स आर्मी तैयार हो गई है, जो कॉमनवेल्थ खेलों में अपना दम दिखाने को तैयार है। अभी तक मेरठ से तीन खिलाडि़यों ने अपना टिकट पक्का कर लिया है। उम्मीद है कि ये संख्या कुछ दिनों में और बढ़ेगी।

गरिमा की पटकी

कॉमनवेल्थ खेलों में दम दिखाने को सबसे पहले जूडोका गरिमा चौधरी ने अपनी कमर कसी। नेपाल में हुई साउथ एशियन जूडो चैंपियनशिप में गरिमा ने मेडल झटककर अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। इसके बाद ओलंपियन जूडोका गरिमा चौधरी का चयन जल्द ही जुलाई के अंत में होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों के लिए हो गया। अब गरिमा पुराने प्रदर्शन को दोहराकर देश के लिए मेडल जीतने के लिए मेहनत कर रही है।

असब का निशाना

गरिमा के बाद कॉमनवेल्थ खेलों में अपनी जगह पक्की करने का नंबर मोहम्मद असब का आया। असब ने शूटिंग के डबल ट्रैप इवेंट में काफी समय से शानदार प्रदर्शन किया है। असब इस समय देश के नंबर एक डबल टै्रप शूटर हैं। फिलहाल असब कॉमनवेल्थ खेलों के लिए जमकर तैयारी कर रहे हैं। इस उम्मीद में कि वो देश के लिए मेडल जीतकर मेरठ का नाम रोशन कर सकें। वैसे इस बार असब से उम्मीद भी हैं, क्योंकि असब पिछले काफी समय से अच्छी फॉर्म में चल रहे हैं।

अन्नू का तीर

अन्नू के जैवलीन ने भी ऐसी रफ्तार पकड़ी कि कोई भी उसे कॉमनवेल्थ खेलों में एंट्री करने से नहीं रोक सका। हाल ही में लखनऊ में समाप्त हुई नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अन्नू ने अपने जैवलीन का जमकर जलवा बिखेरा। बस फिर क्या था दबथुवा की इस होनहार एथलीट का चयन सीधा कॉमनवेल्थ खेलों के लिए हो गया। अब अन्नू तैयार है कॉमनवेल्थ में अपने धमाकेदार प्रदर्शन करने के लिए।

और भी बढे़ंगे नाम

उम्मीद यही है कि ये अभी शुरुआत है। अभी कुश्ती में भी मेरठ की किसी एक खिलाड़ी का चयन हो सकता है। देखते हैं किसके खाते में इस बार कॉमनवेल्थ खेलों का टिकट हाथ लगता है।

मुझे उम्मीद है मैं देश के लिए इन खेलों में मेडल जरूर जीतूंगी। फिलहाल मैं चोट से पूरी तरह से उबर चुकी हूं।

-गरिमा चौधरी, जूडोका

मैंने पिछले काफी समय से शानदार प्रदर्शन किया है। बस इसी प्रदर्शन को कॉमनवेल्थ खेलों में दोहराना चाहता हूं, जिससे देश को मेडल जीता सकूं।

-मो। असब, शूटर

मुझे जैसी उम्मीद थी, मैंने वही प्रदर्शन किया। बस अब मुझे बेसब्री से कॉमनवेल्थ खेलों का इंतजार है, जिसमें मुझे मेडल जीतने की चाह है।

-अन्नू, जैवलीन थ्रोअर