कौंधियारा स्थित बघोलवा मोड़ पर हुए मुठभेड़ में जख्मी एक आरोपित का पुलिस ने कराया इलाज

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ALLAHABAD: कौंधियारा एरिया स्थित बघोलवा मोड़ के पास गुरूवार की रात हुई मुठभेड़ में गिरफ्तार किए गए दो हत्यारोपित मुकुल उर्फ शिवम कुशवाहा व वीरेंद्र विश्वकर्मा को पुलिस ने शुक्रवार की शाम नैनी जेल भेज दिया. बघोलवा क्षेत्र में छिपे होने की सूचना पर घेराबंदी करने पहुंची क्राइक ब्रांच और कौंधियारा पुलिस को देखते ही दोनों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी थी. जवाबी फायरिंग करते हुए किसी तरह पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया. एसपी यमुनापार ने दोनों को पुलिस लाइंस सभागार में मीडिया के सामने पेश किया गया.

काफी दिनों से दोनों थे फरार

एसपी यमुनापार दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि वारदात का मुख्य आरोपी अजय उर्फ संजय निवासी भिस्कुरी के घर चोरी हुई थी. उसे संदेह था कि चोरी गांव के ही हिंदलाल का बेटा रामसूरत ने की है. इस पर वह अपने बहनोई मिथलेश उर्फ अज्जू निवासी रैपुरा चित्रकूट और सरायइनायत थाना क्षेत्र के ढुढही निवासी वीरेंद्र व मुकुल के साथ मिलकर प्लान के तहत चित्रकूट दर्शन के लिए रामसूरत की बोलेरो बुक कर लिया. इसके बाद इन लोगों ने गाड़ी सहित रामसूरत को अगवा कर चित्रकूट के रैपुरा में ले जाकर हत्या कर दी. चित्रकूट पुलिस ने अजय और मिथलेश को पहले ही अरेस्ट कर जेल भेज दिया था. जबकि इस मामलें में आरोपित मुकुल व वीरेंद्र काफी दिनों से फरार थे.

बम, तमंचा व कारतूस बरामद

गुरुवार रात स्वॉट प्रभारी बृंदावन राय, एसओ कौंधियारा संदीप तिवारी को वांछित आरोपियों के बारे में मुखबिर ने सूचना दी थी. इस पर पुलिस टीम ने बघोलवा मोड़ पर घेरेबंदी शुरू कर दी. खुद को घिरा हुआ देख अभियुक्तों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. बचाव में पुलिस को भी फायरिंग करनी पड़ी. फायरिंग में पुलिस की बंदूक से निकली गोली मुकुल के दाहिने पैर में लग गई. उसके गिरते ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया. तलाशी में उनके कब्जे से पुलिस को बम, तमंचा व कारतूस मिले हैं. यह भी बताया कि दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश थी. इसी के चलते वे हत्या की वारदात को अंजाम दिए थे. पकड़े गए दोनों अभियुक्तों को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया गया. जहां कोर्ट आदेश पर दोनों को नैनी जेल भेज दिया गया.