- नगर निगम स्वास्थ्य विभाग के पास मैन पावर न संसाधन , कैसे मारेंगे बनारस का मच्छर

-सीजन का दो माह निकल गया, न कही नहीं हआ दवा का छिड़काव

डेंगू-मलेरिया का हमला शुरु हुए करीब दो माह हो चुके है, लेकिन शहर में अब तक कहीं दवा का छिड़काव हुआ और फॉगिंग नहीं कराई गई. जबकि बारिश होने से शहर के दर्जनों मुहल्लों में जल भराव की वजह से मच्छर पनप रहे है. इससे मोहल्लों में डेंगू-मलेरिया का खतरा मंडरा रहा है. लेकिन इन सब पर रोक लगाने के नगर स्वास्थ्य विभाग के पास न पर्याप्त संसाधन और न ही मैन पावर. यही नहीं वहीं मलेरिया विभाग के पास इतने फिल्ड वर्कर नहीं है, जो घर-घर जाकर लार्वा की जांच कर सके. 40 लाख आबादी वाले इस सिटी में नगर निगम के पास मात्र 15 कर्मचारी है. ऐसे में समझा जा सकता है कि मलेरिया की बीमारी कैसे दूर होगी.

90 वार्ड के लिए सिर्फ 15 कर्मचारी

शासन ने नगर निगम स्वास्थ्य विभाग को शहर के सभी 90 वॉर्ड में फॉगिंग कराने और जल जमाव वाली जगहों पर किटनाशक दवा छिड़कने की जिम्मेदारी दी है. हैरानी कि बात है कि निगम स्वास्थ्य के पास सिर्फ 12 फिल्ड वर्कर है. ऐसे में एक कर्मचारी के पर करीब 8 वॉर्ड है जिसमें करीब 160 मुहल्लों के काम का बोझ एक फिल्ड वर्कर पर आ रहा है. सोचिए ये काम कैसे करते होंगे.

लंबे समय से कर्मचारी नहीं

यह विडंबना ही है कि जिस शहर को स्मार्ट बनाने के लिए करोड़ो रुपए खर्च हो रहे है, वहां ऐसी दुर्दशा है. नगर निगम स्वास्थ्य विभाग में जहां कर्मचारी और पर्याप्त संसाधन नहीं है. वहीं करीब 40 लाख की आबादी वाले इस जिले में मलेरिया विभाग के पास फॉगिंग व घरों में लार्वा की जांच करने के लिए सिर्फ 25 ही कर्मचारी हैं. अधिकारियों के मुताबिक पूरे शहर को कवर करने के लिए तीन जोन में बांटा गया है. ग्रामीण क्षेत्र अलग है. हर जोन में उतनी टीम काम नहीं कर रही जितने की जरूरत है.

शहर

दो माह में कही नहीं हुआ छिड़काव

डेंगू-मलेरिया के मच्छरों से को निजात दिलाने में स्वास्थ्य विभागों में सुस्ती बनी हुई है. नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग यह यह कहकर पल्ला झाड़ रहा है कि एक दो मुहल्लों में दवा का छिड़काव कराया गया है. सोचने वाली बात ये है कि जिस शहर में करीब 18 हजार मुहल्ले हो वहां 12 कर्मचारी कितने मुहल्लों की नालियों में दवा के छिड़काव और फॉगिंग कर पाएंगे. अधिकारियों का कहना हैं कि कर्मचारी की कमी की वजह से सफाई चौकियों पर मशीने रखा दी गई है. वही लोग दवा का छिड़काव करते है.

एक नजर

-जिला मलेरिया विभाग

25

कर्मचारी हैं

160

जरूरत

संसाधन

42 हैंड कंप्रेसर स्प्रेयर (10 लीटर)

10 हैंड कंप्रेसर स्प्रेयर (3.5 लीटर)

4 हैंड कंप्रेसर स्प्रेयर (1.5 लीटर)

6 स्प्रे पंप मैपसेट

-नगर निगम स्वास्थ्य विभाग

15

कुल कर्मचारी संख्या

12

फिल्ड वर्कर

3

फॉगिंग वैन ड्राइवर

संसाधन

3 बड़ी फॉगिंग वैन

5 पोर्टेबल फॉगिंग साइकिल

कर्मचारियों की भारी कमी है. इसलिए सफाई चौकियों पर मशीन रखवाई गई है, जिससे वहां के लोग मोहल्लों में छिड़काव कर सकें. इस सीजन के लिए माइक्रो प्लान तैयार किया जा रहा है. आउट सोर्स के जरिए कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे.

डॉ. एके दूबे, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम