-आईसीडीएस स्कीम के तहत शुरू हुआ पोषण माह

-30 दिन तक चलेगा पोषण माह अभियान

कुपोषण के खात्मे को लेकर गंभीर हुई केन्द्र सरकार ने बनारस में बड़ा अभियान शुरू किया है. कुपोषित बच्चों एवं महिलाओं की सेहत सुधारने के लिए आईसीडीएस योजना के तहत जिले में राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत की गई है. एक से 29 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान के तहत जीरो से छह वर्ष तक के बच्चे के कुपोषण को दूर करने के लिए क्या और कैसे करें इन सब की जानकारी अभियान में दी जाएगी. इसके साथ ही बच्चे कुपोषण का शिकार नहीं हो. इसके लिए भी लोगों को जागरुक किया जाएगा.

आंगनबाड़ी में होंगे कार्यक्रम

पोषण माह के तहत महीने भर हर रोज जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जानकारी दी जाएगी. वहीं आयोजित होने वाले सेमिनार के तहत प्रतिभागियों के बीच पोषण के महत्व एवं उस अभियान का मकसद बताया जाएगा. जिससे लोग बढ़ते कुपोषण को लेकर जागरुक हो सके.

पोषण मेला का होगा आयोजन

पोषण अभियान को लेकर पोषण मेला का भी आयोजन किया जाएगा. जिसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों के बीच जागरुकता पैदा करना है. इसमें आईसीडीएस द्वारा दी जाने वाली योजनाओं को फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से जानकारी दी जाएगी. वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य जांच व आरबीएसके दल द्वारा बच्चों के हेल्थ चेकअप एवं पोषण जांच की जाएगी.

ये है महिने भर का प्लान

पोषण माह के तहत 30 दिनों तक चलने वाले कार्यक्रम में वो सभी एक्टिविटी की जाएगी, जिससे कुपोषण को कंट्रोल में लाया जा सके.

-पोषण प्रभात फेरी

इसमें समग्र पोषण, स्तनपान, पूरक आहार, टीकाकरण एवं ग्रोथ मॉनिटरिंग के संदेश, आंगनबाड़ी एवं स्कूल के बच्चों को साबुन से हाथ धुलवाना और पोषण शपथ.

बचपन दिवस

-आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बचपन दिवस मनाया जाएगा. इसमे बच्चों का वजन पोषाहार वितरण करना, जीरो से 6 माह के बच्चों को स्तनपान कराने पर चर्चा.

-गृह भ्रमण

आशा वर्कर, एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री द्वारा घर-घर जाकर बच्चों का वजन कराना, अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित कर एनआरसी में भेजना आदि.

पोषण मेला

-आरआई के तहत सब सेंटर पर पोषण मेला

ये भी होंगे

-आंगनबाड़ी केन्द्रों पर ममता दिवस

-टीकाकरण की जानकारी

-ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस

-शिशु व बाल पोषण महत्व पर चर्चा

-किशोरियों एवं महिलाओं के लिए पोषण, स्वास्थ्य व स्वच्छता की जानकारी

-लाडली दिवस कार्यक्रम

-किशोरियों के लिए शिक्षा का महत्व एवं विवाह की सही आयु की जानकारी

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एक नजर

4,58 900

है जिले में बच्चों की आबादी

2, 94046

बच्चे आंगनबाड़ी केन्द्रों में रजिस्टर्ड

17,155

बच्चे आंशिक कुपोषित

11, 000

बच्चे है कुपोषित

कुपोषण को लेकर केन्द्र सरकार बेहद गंभीर है. सरकार के आदेशानुसार पोषण माह की शुरुआत की गई है. जिससे कुपोषण को दूर किया जा सके. हर रोज अलग-अलग एक्टिविटी की जा रही है.

मंजू वर्मा, प्रभारी सीडीपीओ