-पायलट रन के तौर पर डीडीयू हॉस्पिटल से होगा आयुष्मान भारत का उदय

-जिले के दो लाख पात्र लाभार्थियों का बनाया जाएगा गोल्डेन कार्ड

स्मार्ट सिटी बनारस में डिस्ट्रिक्ट हेल्थ डिपार्टमेंट शनिवार से 'आयुष्मान भारत' को पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरु कर रहा है. डीडीयू हॉस्पिटल से शुरु हो रहे इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों का गोल्डेन कार्ड बनाया जाएगा. अधिकारियों की मानें तो लाभार्थियों को पांच लाख रूपया तक हर साल फ्री इलाज के लिए गोल्डेन कार्ड बनाकर दिया जाएगा. आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ. संजय राय ने बताया कि इस योजना के तहत बनारस के सभी 8 ब्लॉक के लगभग एक लाख 10 हजार एवं शहरी क्षेत्र के लगभग 90 हजार पात्र लाभार्थी यानी कुल दो लाख लाभार्थियों की लिस्ट ऑनलाइन पोर्टल पर भेजी जा चुकी है. बनारस में इस योजना को सफल बनाने के लिए सरकारी व प्राइवेट हॉस्पिटल्स में प्रक्त्रिया भी शुरु हो गई है.

बीएचयू, कैंसर हॉस्पिटल भी शामिल

योजना के तहत अब तक एसएसपीजी, डीडीयू, राजकीय महिला चिकित्सालय, एलबीएस चिकित्सालय, रामनगर समेत सात सरकारी चिकित्सालय में प्रक्त्रिया पूरी की जा चुकी है. इसके साथ एसएस हॉस्पिटल बीएचयू, ट्रामा सेन्टर, टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल को भी इम्पैनल किया जाएगा. इसके अलावा निजी क्षेत्र में अभी तक 74 ऑनलाइन आवेदन वेब पोर्टल पर प्राप्त हो चुके हैं.

नर्सिग होम की होगी जांच

जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय डिस्ट्रिक्ट इम्पैनलमेंट कमेटी के सदस्य सीएमओ डॉ. वीबी सिंह, अपर जिला मजिस्ट्रेट अरूण कुमार एवं नोडल अधिकारी डॉ. संजय राय ने नर्सिग होम निरीक्षण कार्य शुरु कर दिया है. इसके बाद नर्सिग होम की रिपोर्ट ऑनलाइन वेब पोर्टल पर अपलोड कर दी जायेगी. योजना में शामिल राजकीय एवं निजी अस्पतालों में एक-एक आरोग्य मित्र भी लाभार्थियों के सहयोग के लिए नियुक्त होंगे.

आयुष्मान भारत को पायलट रन के तहत पात्र लाभार्थियों की आज से गोल्डेन कार्ड बनाने की भी प्रक्त्रिया शुरु की जा रही है. जिले के दो लाख लाभार्थियों की लिस्ट ऑनलाइन पोर्टल पर भेजी जा चुकी है.

डॉ. बीबी सिंह, सीएमओ