-इंटरनेशनल एयरपोर्ट एयरपोर्ट पर चिकित्सा व्यवस्था बदहाल

-बाबतपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए नहीं हैं इमरजेंसी डॉक्टर

प्रदेश के दूसरे सबसे बेहतरीन एयरपोर्ट में शुमार लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट पर चिकित्सकीय व्यवस्था भगवान भरोसे है. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इतने बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट का हेल्थ यूनिट महज एक कम्पाउंडर के भरोसे चल रहा है. यही नहीं यहां आने वाले बीमार यात्रियों को या तो किसी प्राइवेट हॉस्पिटल में रेफर कर दिया जाता है या पास के सीएचसी पर भेज दिया जाता है. ऐसा तब है जब यहां से लगभग हर माह पीएम, सीएम, हेल्थ मिनिस्टर समेत तमाम नेताओं का आवागमन होता है. एक तरफ जहां पीएम मोदी बीते चार साल में 35 एयरपोर्ट बनाने का दावा कर रहे है. वहीं दूसरी ओर उनके संसदीय क्षेत्र के एयरपोर्ट की हालत किसी अफसर को दिखाई नहंी दे रही.

6 माह से नहीं है डॉक्टर

जानकारों का कहना है कि ऐसा नहीं कि यहां के हेल्थ यूनिट में कभी कोई चिकित्सक रहा ही नहीं. करीब छह माह पहले यहां तैनात चिकित्सक एक मामले में अरेस्ट कर लिया गया था. आरोप सिद्ध होने के बाद उसे जेल हो गई. तब से अभी तक किसी भी चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी. ऐसे में यूनिट को संभालने की जिम्मेदारी यहां तैनात कम्पाउंडर को दे दी गई है. बता दें कि बीते शुक्रवार को बैंकाक के एक यात्री का विमान में दिल का दौरा पड़ने से तबीयत बिगड़ गई थी. जिसके बाद बाबतपुर पहुंचने के बाद यात्री को इमरजेंसी में डॉक्टर न मिलने के कारण रेफर कर दिया गया. लेकिन उसी बीच उसकी मौत हो गई. सूत्रों का कहना है कि इस एयरपोर्ट पर मेडिकल फैसिलिटी न के बराबर है. ऐसा कई बार हो चुका है जब इमरजेंसी चिकित्सा न मिलने की वजह से कई लोगों की जान जा चुकी है. शुक्रवार के मामले को भी इसी से जोड़कर देखा गया. सूबे के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह भी एयरपोर्ट और उसके आस पास मेडिकल फैसिलिटी बढ़ाने को लेकर हामी भर चुके हैं. लेकिन ऐसा लगता है कि मंत्री साहब की हर घोषणाएं सिर्फ जुबान तक ही रहती है.

सीएचसी को करेंगे हाइटेक

स्वास्थ्य विभाग की मानें तो एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य व्यवस्था उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी एयरपोर्ट अथॉरिटी की होती है. स्वास्थ्य विभाग एयरपोर्ट से लगायत एरिया में स्वास्थ्य केन्द्र पर व्यवस्था बढ़ा सकता है. अधिकारियों का कहना है कि बड़ागांव ब्लॉक में चल रहे सीएचसी को हाईटेक करने का प्लान तैयार किया गया है. जिससे एयरपोर्ट के यात्रियों की तबीयत बिगड़ने पर बेहतरीन चिकित्सकीय व्यवस्था मिल सके.

कब किसकी मौत?

-11 दिसंबर 2016 में हैदराबाद जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे बीएचयू के पूर्व वीसी डॉ. लालजी सिंह का उसी दौरान दिल का दौरा पड़ा. आधे घंटे तक कोई चिकित्सकीय व्यवस्था नहीं मिली. सीआईएसएफ के सहयोग से बीएचयू लाने के दौरान रास्ते में उनकी मौत हो गई.

-23 नवंबर 2017 में इलाहाबाद के इंद्रभूषण परिवार के साथ मुंबई जा रहे थे. टेक ऑफ के दौरान दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई.

11 जनवरी 2017 को चिरईगांव ब्लॉक की संगीता यादव की मुंबई से बनारस आते वक्त मौत हो गई. पति ने एयरपोर्ट अथॉरिटी पर आरोप लगाया था कि समय से इलाज मिल जाता तो पत्‍‌नी की जान बच जाती.

एयरपोर्ट से लगे बड़ागांव क्षेत्र के सीएचसी को हाईटेक बनाने की दिशा में काम शुरु हो गया है. जल्द यहां प्राइवेट हॉस्पिटल की तरह सुविधाएं मिलेंगी.

डॉ. वीबी सिंह, सीएमओ