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ALLAHABAD: अटलजी के साथ जनसंघ प्रचारक कार्यकाल के समय से जुड़े राघवेंद्र मिश्रा आज भी एक घटना को नहीं भूलते. 83 साल के श्री मिश्र कहते हैं कि बात 1994 के आसपास की है. तब अटलजी प्रधानमंत्री नहीं बने थे. वह दिल्ली के रायसीना हिल्स पर रह रहे थे. उनसे मिलने गए श्री मिश्र को जो टाइम मिला था उससे वह किसी कारणवश एक घंटे लेट हो गए. ऐसे में सिक्योरिटी वालों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया. नही मिल पाने पर राघवेंद्र मिश्र हताश हो गए और मायूसी में अटलजी के निवास के बाहर टहलने लगे. इस बीच अटलजी का वाहन निवास के बाहर निकला और उन्होंने गाड़ी के अंदर से ही श्री मिश्र को देख लिया. वह बिना देरी किए वाहन से उतर गए और आने का कारण पूछा. इस पर श्री मिश्र ने बताया कि लेट होने की वजह से सिक्योरिटी वालों ने उन्हें अंदर नहीं आने दिया. इस पर पूर्व प्रधानमंत्री ने सिक्योरिटी के लोगों को डाटा और कहा कि मुझसे मिलने आने वालों को आप लोग रोककर परेशान करते हो. आगे से ऐसा नहीं होना चाहिए. मेरा प्रत्येक कार्यकर्ता मेरे लिए अति महत्वपूर्ण है.

निधन पर शोक

अटलजी ने कहा था कि समाज सेवा में किसी प्रकार लोभ नहीं होना चाहिए. यह ईमानदारी और भ्रष्टाचार मुक्त हो. यह बात आज भी मुझे याद है. उनके निधन से आज एक युग का अंत हो गया है. इस अपूर्णनीय क्षति की भरपाई करना आसान नही होगा. वह एक महान राष्ट्रनेता थे और उनके व्यक्तित्व से युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए.

-श्यामाचरण गुप्ता, सांसद इलाहाबाद