- महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर दून लाए गए एटीएम ठगी के तीनों आरोपियों को कोर्ट में किया गया पेश

- कोर्ट ने सात दिनों की रिमांड की दी अनुमति

- आरोपियों द्वारा प्रयुक्त कार, स्कीमर बरामद करने की है चुनौती

DEHRADUN: दून में एटीएम क्लोनिंग के जरिए कई लोगों को लाखों की चपत लगाने वाले तीनों आरोपियों को कोर्ट ने पुलिस को सात दिन की रिमांड पर सौंपा है. दून पुलिस ने आरोपियों को क्ब् दिनों की रिमांड पर लेने के लिए अपील की थी. एसटीएफ द्वारा तीनों आरोपियों को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर बुधवार को दून लाया गया था, जिन्हें गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया.

गुरुवार को कोर्ट में किया पेश

कोल्हापुर, महाराष्ट्र से गिरफ्तार किए गए तीनों एटीएम ठगों को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया. इस दौरान कोर्ट में विवेचक निरीक्षक राजेश साह द्वारा क्0 मामलों और निरीक्षक पंकज पोखरियाल द्वारा 8 मामलों में आरोपियों की रिमांड प्राप्त की गई. दून पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त वाहन, एटीएम क्लोनिंग से सम्बंधित उपकरणों की बरामदगी के लिए दूसरे राज्यों में जाकर आरोपियों के बताये अनुसार बरामदगी के लिए क्ब् दिन की पुलिस कस्टडी के लिए अपील की गई. जिस पर कोर्ट ने ख्ब् अगस्त शाम सात बजे से 7 दिन की रिमांड पर आरोपियों को पुलिस को सौंप दिया.

दून पुलिस के लिए बड़ी चुनौती

जुलाई में राजधानी के कई एटीएम में स्कीमर के जरिए डाटा चुराकर रामबीर, जगमोहन, सुनील ने एटीएम क्लोनिंग के जरिए करीब क्00 लोगों के खातों से लाखों रुपए निकाल लिए थे. इसके बाद एसटीएफ की टीम तीनों को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर बुधवार को दून लेकर आई. जो कि भ् दिनों की ट्रांजिट रिमांड पर लाए गए थे. अब तीनों आरोपियों को दून पुलिस को 7 दिन की रिमांड पर सौंप दिया गया है. कानून के जानकारों का दावा है कि इस मामले में अब दून पुलिस की जिम्मेदारी पहले से ज्यादा बढ़ गई है. दरअसल जिस तरह की कहानी अब तक सामने आई है. उसे प्रूफ करने के लिए दून पुलिस को साक्ष्य जुटाने होंगे. पुलिस के लिए घटनाक्रम की एक-एक कड़ी को जोड़ने की बड़ी चुनौती है. अगर केस हल्का हुआ तो आरोपी आसानी से छूट सकते हैं.

7 दिन में सुलझेगी गुत्थी

दून पुलिस की मानें तो सबसे पहले पुलिस को अब घटना में प्रयुक्त कार को बरामद करना होगा. इसके बाद जहां-जहां आरोपी ठहरे उन होटल्स के बिल, टोल टैक्स का विवरण, स्कीमर के अलावा जो भी सामान इस घटना में यूज किए गए वे सब बरामद करने होंगे. जिससे पूरी कहानी को प्रूफ किया जा सके और केस स्ट्रांग हो सके. इसके अलावा इस प्लान के पीछे का मास्टर माइंड कौन है. इस पर भी दून पुलिस को वर्क करना है. अभी तक दून पुलिस को मिली जानकारी में एक और व्यक्ति के शामिल होने की बात पूछताछ में सामने आई है. जिस पर भी पुलिस को काम करना होगा. ऐसे में दून पुलिस 7 दिन में कैसे पूरी कहानी का सच सामने लाती है, ये बड़ा सवाल है.

- आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, हमने आरोपियों से पूछताछ और साक्ष्य जुटाने के लिए कोर्ट से क्ब् दिन की रिमांड की अपील की थी, कोर्ट द्वारा सात दिन की रिमांड हमें दी गई है. समय कम है, चुनौतियां ज्यादा हैं. पुलिस द्वारा मामले की पड़ताल शुरू कर दी गई है.

---- निवेदिता कुकरेती, एसएसपी, देहरादून.