-शहर में एटीएम कार्ड बदलकर करते रहे हैं जालसाजी

-करोड़ों रुपए की हेराफेरी के बाद हाथ लगे शातिर

GORAKHPUR: शहर में एटीएम कार्ड की हेराफेरी कर लाखों रुपए का चूना लगाने वाले गैंग के चार सदस्य पकड़े गए. जालसाजों का यह गैंग एटीएम में रुपए निकाल रहे लोगों को झांसा देकर एटीएम कार्ड बदल देता था. एटीएम पासवर्ड जानकारी कर गैंग के सदस्य लोगों के एकाउंट से पैसा निकाल लेते थे. गिरफ्तार जालसाजों के पास से पुलिस ने दो लाख 30 हजार रुपए नकद, 11 एटीएम कार्ड, तमंचा, कारतूस, छह मोबाइल फोन और चार बाइक बरामद किया. एसपी सिटी ने बताया कि इस गैंग के सदस्य गोरखपुर और आसपास जिलों में एक्टिव रहकर करोड़ों रुपए की हेराफेरी कर चुके हैं. इनसे जुड़े अन्य बदमाशों की तलाश की जा रही है.

दावत खाकर लौट रहे थे पुलिस ने दबोचा

शहर में एटीएम बदलकर पब्लिक के एकाउंट से रुपए निकालने की घटनाएं बढ़ती जा रही थीं. इसका संज्ञान लेते हुए एसएसपी ने कार्रवाई का निर्देश दिया. बुधवार रात एसएचओ खोराबार सुधीर कुमार सिंह अपनी टीम मोतीराम अड्डा चौराहा के पहले वाहन चेकिंग कर रहे थे. चौरीचौरा की तरफ से आ रहे दो बाइक सवार तीन लोगों को पुलिस ने रोकने की कोशिश की. लेकिन मुठभेड़ के दौरान एक युवक भाग निकला. दो अन्य की पहचान खोराबार एरिया के जंगल रामलखना, सिपाही टोला निवासी निवासी गिरजा निषाद और सोनू मौर्या के रूप में हुई. दोनों के पास से 75 हजार रुपए नकदी, विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद हुए. पूछताछ में सामने आया वह लोग अपने दो अन्य साथियों संग मिलकर एटीएम कार्ड बदलकर ग्राहकों के एकाउंट से पैसे निकाल लेते हैं. उनका तीसरा साथी पिपराइच के चिलबिलवा का अर्जुन निषाद सरदारनगर में किराए पर कमरा लेकर रहता है. उसने सबको दावत पर बुलाया था. गुलरिहा के सेमरा नंबर एक में रहने वाला कार्तिक कुमार भारती भी दावत में शामिल होने आया था. पुलिस टीम ने अर्जुन के कमरे में छापेमारी कर उसे अरेस्ट किया तो बॉक्स में रखे 80 हजार रुपए बरामद हुए. उनसे पूछताछ के आधार पर गैंग के सरगना सेमरा नंबर एक में किराए पर कमरा लेकर रहने वाले बिहार के मूल निवासी कार्तिक कुमार उर्फ साहिल को अरेस्ट किया. कार्तिक उर्फ साहिल गैंग का सरगना निकला.

गोरखपुर आसपास जिलों में फैलाया नेटवर्क

पूछताछ में कार्तिक, अर्जुन, गिरजा और सोनू मौर्या ने पुलिस को बताया कि वह चिलुआताल, गोरखनाथ, गुलरिहा, खोराबार, नई बाजार, झंगहा, चौरीचौरा, पनियरा, हाटा, कसया, गौरी बाजार, रुद्रपुर सहित कई जगहों पर दो दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुके हैं. मार्च में गैंग के सदस्यों ने बरगदवां एचडीएफसी के एटीएम में ग्राहक को झांसा देकर कार्ड बदल दिया था. उसके एकाउंट से एक लाख 96 हजार रुपए, फरवरी में गोरखनाथ मंदिर के पास पीएनबी के एटीएम से महिला का कार्ड बदलकर 23 हजार, मार्च में भटहट बाजार में 56 हजार, जुलाई में एचडीएफसी भटहट के एटीएम से 26 हजार सहित कई घटनाओं को अंजाम दिया था. खोराबार के सूबा बाजार में एटीएम से रुपए निकालने गए व्यक्ति के एकाउंट से पांच लाख 20 हजार रुपए निकालकर खर्च कर चुके हैं. रुपयों से दूसरे के एकाउंट से निकाले गए रुपए से बाइक, मोबाइल फोन और मौज-मस्ती में इस्तेमाल होने वाली दूसरी चीजें खरीदते थे.

पैसा निकाल बदल देते थे एटीएम कार्ड

इस गैंग के सदस्य करीब सवा साल से एक्टिव थे. इस दौरान गैंग के सदस्यों ने दो दर्जन से अधिक एटीएम से करीब तीन करोड़ रुपए की निकासी कर ली है. बदमाशों ने पुलिस को बताया कि वह जिसके एकाउंट से रुपए निकाल लेते थे. उसका एटीएम कार्ड कहीं और ले जाकर बदल देते थे. इससे वह एटीएम कार्ड की आसानी से हेराफेरी कर लोगों के चपत लगाते रहे. एटीएम से रुपए निकालने के दौरान बदमाश अपने वाहनों की नंबर प्लेट बदल देते थे. इससे किसी को उनकी हरकतों पर शक नहीं होता था. लोग इनकी कमाई पर शक न कर सके. इसलिए यह घूम-घूमकर शादियों में वीडियोग्राफी करते थे. पुलिस का कहना है कि गैंग का सरगना कार्तिक है, जबकि मुख्य सहयोगी की भूमिका अर्जुन निषाद निभा रहा था. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गैंग दूसरे के खातों से रुपए निकालकर आर्थिक अपराध कर भौतिक लाभ ले रहा था. इनके खिलाफ पुलिस गैंगेस्टर की कार्रवाई की तैयारी में जुटी है. सभी के खिलाफ गुलरिहा, कैंट, खोराबार, गोरखनाथ सहित कई थाना क्षेत्रों में जालसाजी, आईटी एक्ट सहित कई धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं.

वर्जन

अरेस्ट किए गए जालसाजों के पास से दो लाख 30 हजार रुपए नकद, एटीएम कार्ड सहित कई अन्य चीजें बरामद हुई हैं. एक साल से अधिक समय से एक्टिव इस गैंग के लोगों ने दूसरों के एकाउंट से करोड़ों रुपए की निकासी की है. इनसे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में पुलिस टीम लगी है.

प्रभात कुमार राय, सीओ कैंट