-ट्रैफिक पुलिस के ड्राइवर्स को आईकार्ड देने के कैंप में हुआ खुलासा

-अभी तक सिर्फ 600 ऑटो के पास ही मिला कॉमर्शियल डीएल, 200 की और उम्मीद

<-ट्रैफिक पुलिस के ड्राइवर्स को आईकार्ड देने के कैंप में हुआ खुलासा

-अभी तक सिर्फ म्00 ऑटो के पास ही मिला कॉमर्शियल डीएल, ख्00 की और उम्मीद

BAREILLY: BAREILLY: ऑटो में सफर करने जा रहे हैं, तो एक नजर ड्राइवर के आईडेंटी कार्ड पर जरूर दौड़ा लीजिए. क्योंकि शहर में चल रहे एक चौथाई ऑटो ड्राइवर्स के पास कॉमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं. मतलब साफ है कि वह ऑटो ड्राइव करने के लिए सक्षम नहीं हैं. ऐसे में, इन ड्राइवर्स के ऑटो में सफर जानलेवा हो सकता है.

वेरिफिकेशन कैंप में खुलासा

सनद रहे कि शहर में फ्ख् सौ ऑटो को परमिट मिला हुआ है. नियमत: ऑटो ड्राइवर के पास कॉमर्शियल लाइसेंस होना चाहिए. तभी वह ऑटो चलाने के लिए अधिकृत है. हैरत की बात है कि एक चौथाई यानि 800 ऑटो ड्राइवर्स के पास ही कॉमर्शियल लाइसेंस है. इसका खुलासा ट्रैफिक पुलिस के वेरिफिकेशन कैंप में हुआ. बीते एक सप्ताह से सेटेलाइट पर चल रहे कैंप में अभी तक महज म्00 ड्राइवर ही पहुंचे, जिनके पास कॉमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस है. पुलिस ने उन्हें आईडेंटी कार्ड भी इश्यू कर दिया. बाकी ड्राइवर्स के न आने पर पुलिस का मानना है कि वही ड्राइवर सामने नहीं आ रहे हैं, जिनके पास कॉमर्शियल डीएल नहीं है, जो ड्राइवर आ भी रहे हैं, वह ऑटो चलाने के लिए अधिकृत नहीं हैं. उनके पास प्राइवेट व्हीकल का लाइसेंस है. फिलहाल कैंप अगले दो दिन चलेगा, जिसमें दो सौ ड्राइवर के आने की पुलिस को उम्मीद है.

भ्0 रुपए के लिए जिंदगी से सौदा

कॉमर्शियल डीएल के बगैर शहर में ऑटो ड्राइव किए जाने के मामले एक बड़ा सच सामने आया है कि ऑटो ओनर्स भ्0 रुपए की खातिर पब्लिक की जिंदगी का सौदा कर रहे हैं. कॉमर्शियल डीएल न रखने वाले ड्राइवर्स से भ्0 रुपए अधिक लेकर वाहन दे देते हैं. बताया जा रहा है कि कॉमर्शियल व्हीकल लाइसेंस वाले ऑटो ड्राइवर्स एक दिन का ख्भ्0 रुपए किराया देते हैं. जबकि बिना लाइसेंस वाले फ्00 रुपए देते हैं.

ऑटो ड्राइवर्स के आईकार्ड बनाने के कैंप में खुलासा हुआ है कि ज्यादातर ऑटो ड्राइवर के पास कॉमर्शियल व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं है. जल्द ही ऐसे ऑटो के खिलाफ अभियान चलाकर उन्हें सीज किया जाएगा.

ओपी यादव, एसपी ट्रैिफक बरेली

ऑटो का परमिट डीएल देखकर नहीं दिया जाता है. ऑटो मालिक यदि किसी ड्राइवर को व्हीकल दे रहे हैं तो उन्हें उसका डीएल देखना चाहिए. ये ऑटो मालिकों की लापरवाही है. इससे उन्हें बीमा क्लेम में दिक्कत करेगा.

आरआर सोनी, आरटीओ