क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: आयुष्मान भारत योजना के तहत रांची में रहने वाले हर इलाके के लोगों का उसी इलाके में फ्री इलाज होगा. इसके लिए पिस्का मोड़ से लेकर रातू रोड, किशोरगंज, हरमू, धुर्वा, हिनू, कांटा टोली, कोकर, बूटी मोड, बरियातू, मोराबादी इलाके में अस्पताल या नर्सिंग होम को एंपैनलमेंट किया जाएगा. ताकि इस योजना के तहत लोगों का इलाज अपने नजदीकी अस्पतालों में हो सके. इसके लिए सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा अस्पतालों का एंपैनलमेंट शुरू किया जा रहा है. अब तक रांची जिले में करीब 42 अस्पतालों का एंपैनलमेंट हो चुका है.

अस्पतालों की संख्या कम

आयुष्मान भारत योजना के तहत इतने कम संख्या में अस्पतालों का एंपैनलमेंट होने के कारण आने वाले दिनों में मुफ्त इलाज करने वाले मरीजों की परेशानी बढ़ने वाली है. क्योंकि रांची जिले में ही करीब साढे़ 4 लाख लोगों को गोल्डन कार्ड दिया जाएगा, लेकिन इतने कम संख्या में अस्पतालों का इंपैनल होने के कारण उनको इलाज कराने में परेशानी होगी.

100 से अधिक अस्पतालों के आवेदन

अब तक राजधानी के 100 से अधिक अस्पतालों ने इस योजना से जुड़ने के लिए आवेदन दिया है. लेकिन इनमें से मात्र 42 अस्पताल ही इंम्पैनल्ड किए गए हैं. इस बारे में सिविल सर्जन बताते हैं कि बहुत सारे अस्पतालों नें आवेदन तो दे दिया है, लेकिन वह इस योजना में एंपैनलमेंट के लिए जो अहर्ता होनी चाहिए उसको पूरा नहीं करते हैं, इसलिए सभी को इंम्पैनल नहीं किया गया है. जिन लोगों ने आवेदन किया है और जो अहर्ता पूरी करते हैं उनको एंपैनलमेंट करने का कार्य चल रहा है.

इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी

इस योजना के तहत जुड़ने वाले अस्पतालों के लिए कई सारी क्राइटेरिया है, लेकिन इसमें अस्पतालों को कम से कम 10 बेड का होना अनिवार्य है. इसके अलावा आईसीयू सहित अस्पताल में जितनी तरह की सुविधाएं होती है वो उपलब्ध होनी चाहिए.

वर्जन

हर इलाके में जो भी अस्पताल या नर्सिग होम हैं उनका इम्पैनलमेंट किया जा रहा है. इसका मकसद नजदीक में लोगों का इलाज हो सके. बहुत सारे अस्पतालों ने आवेदन दिया है जो अहर्ता पूरी करते हैं उनका रजिस्ट्रेशन कराने का प्रॉसेस चल रहा है.

डॉ वीबी प्रसाद, सिविल सर्जन, रांची