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LUCKNOW : फिलहाल राज्य सरकार करीब एक हजार सरकारी और निजी अस्पताल चिन्हित कर चुकी है जिनमें इन्हें तैनात किया जाएगा, जल्द ही इनकी संख्या में बढ़ोतरी भी होगी। साथ ही यह तय हुआ है कि अब यह योजना इंश्योरेंस मॉडल के बजाय एश्योरेंस मॉडल पर चलाई जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के पीएसयू साचीज को नामित किया गया है। इंश्योरेंस कंपनी के बजाय सांची के जरिए ही योजना के लाभार्थियों को क्लेम का भुगतान किया जाएगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी।

ट्रस्ट में भेजा जाएगा बजट
राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि आंध्र प्रदेश और गुजरात में इस बाबत बनाई गयी योजना के बाद इसे यूपी में लागू करने का निर्णय लिया गया है। जल्द ही यह देश के बाकी बीजेपी शासित राज्यों में भी लागू किया जाएगा। इससे लाभार्थियों को क्लेम लेने में परेशानी नहीं होगी क्योंकि राज्य और केंद्र सरकार अपना पूरा बजट का अंश ट्रस्ट को देंगे। इसके तहत राज्य सरकार को 440 करोड़ जबकि केंद्र सरकार को 660 करोड़ रुपये देने है। राज्य सरकार ने अपने अंश का अनुपूरक बजट में प्रावधान भी कर दिया है। इसके अलावा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 13 सदस्यीय कमेटी भी गठित होगी जिसमें संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव व वरिष्ठ अधिकारी होंगे।

ये मानक पूरे करना जरूरी

- 30 वर्ष से कम उम्र वाले युवक कर सकेंगे अप्लाई
-12वीं पास युवा बन सकते हैं आयुष्मान मित्र
- बायोलॉजी स्ट्रीम वालों को मिलेगी वरीयता
- कंप्यूटर की जानकारी होना भी होगा जरूरी

योजना के फायदे

- 05 लाख रुपये का नि:शुल्क चिकित्सा बीमा
- 06 करोड़ यूपी के लोगों को मिलेगा फायदा
- 1350 सर्जिकल एवं मेडिकल पैकेज  निर्धारित

आयुष्मान मित्र दूर करेगा मुश्किल

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