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उत्तर प्रदेश सरकार करा रही है सर्वे, देनी होगी अपनी डिटेल

सर्वे रिपोर्ट के आधार पर बढ़ सकते हैं लाभार्थियों के नाम

vineet.tiwari@inext.co.in

ALLAHABAD: आयुष्मान योजना का लाभ लेना है तो अपना प्रत्यावेदन सौंप दीजिए. शर्त इतनी है कि आप सोशियो-इकोनॉमिक सर्वे के हिसाब से एलिजिबल हों और लाभार्थी सूची में नाम शामिल नहीं है. ऐसे में प्रत्यावेदन के आधार भविष्य में आयुष्मान का लाभ मिल सकता है. उप्र सरकार के निर्देश पर विभिन्न विभाग सर्वे करा रहे हैं.

सर्वे में इनको मिल रही तरजीह

केन्द्र सरकार की आयुष्मान योजना की तर्ज पर प्रदेश सरकार भी सर्वे करा रही है. इसमें कच्चे मकान वाले और ऐसे परिवार जिनमें कमाने वाला कोई न हो समेत अन्य कई बिंदुओं को भी शामिल किया गया है. अब तक जिले में हजारों परिवारों को चिन्हित किया गया है. सर्वे की जिम्मेदारी ग्राम विकास विभाग और नगर निगम को दी गई है. इनकी टीमें तो सर्वे कर रही हैं साथ ही जो चाहे अपना प्रत्यावेदन भी दे सकता है.

इन लोगों के छूट गए हैं नाम

2011 में हुए सामाजिक आर्थिक जातिगत जनगणना में कई लोग छूट गए हैं

इनका नाम आयुष्मान योजना में शामिल नहीं हो पाया है.

कई लोग ऐसे हैं, जिनकी मौत हो गई लेकिन उनके नाम अब तक वेबसाइट पर दिख रहे हैं.

जिनका जन्म 2011 के बाद हुआ है ऐसे पात्रों का नाम भी वेबसाइट पर नहीं है.

जो लड़कियां शादी के बाद दूसरे परिवार में चली गईं, उनके नाम भी वेबसाइट पर नहीं दिख रहे हैं

तत्काल मिल जाएगा गोल्डन कार्ड

पूरे देश में 23 सितंबर को एक साथ आयुष्मान योजना लांच की गई है. इसके तहत लाभार्थी परिवार को पांच लाख रुपए तक सालाना इलाज नि:शुल्क दिया जा रहा है. शिकायतें इस तरह की भी हैं कि लाभार्थियों से कुछ हॉस्पिटल्स में गोल्डन कार्ड देने के नाम पर जबरन आधार कार्ड मांगा जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि ऐसा नहीं है. सरकार ने आधार को कम्पल्सरी नहीं किया है. लाभार्थी चाहे तो हॉस्पिटल में अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर देकर गोल्डन कार्ड प्राप्त कर सकता है.

ग्राम विकास विभाग और नगर निगम की ओर से सर्वे किया जा रहा है. लोग वहां अपना प्रत्यावेदन जमा करा सकते हैं. प्रदेश सरकार के सर्वे के आधार पर भविष्य में लाभार्थियों को सूची में शामिल किया जा सकता है.

-डॉ. एके तिवारी,

नोडल, आयुष्मान योजना