कानपुर। आज 6 दिसंबर को अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस की 26वीं बरसी है। हिंसा की कोई घटना इस दिन न हो इसके लिए हर साल की तरह इस साल भी अयोध्या में विशेष सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। कड़ी सुरक्षा के इंतजाम सुरक्षा व्यवस्था को यहां सख्त कर दिया गया है। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन धर्मशाला के साथ आने जाने वालों पर पुलिस कड़ी निगाह रख रही है। जांच एजेंसिया भी सतर्क हैं और अपनी निगरानी को सख्त कर दी हैं। सरकार ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए हैं।

विहिप आज शौर्य दिवस मनाएगी

वहीं, दूसरी ओर राम मंदिर निर्माण को लेकर हिंदू संगठनों ने मुहीम तेज कर दी है। हर बार की तरह इस बार भी विहिप छह दिसंबर को शौर्य दिवस मनाएगी। कहीं पर सभाएं होंगी तो कहीं पर हवन करके मंदिर निर्माण की मांग की जाएगी।  आजादी से पहले इस क्षेत्र राम मंदिर-बाबरी मस्जिद के विवाद को नहीं सुलझाया जा सका है। लंबे अर्से से इस स्थल पर संग्राम छिड़ा हुआ है।

कोशिशें कामयाब नहीं हो पार्इ
1853 में इस मामले को लेकर पहली बार धार्मिक हिंसा हुर्इ थी। यह संग्राम इतना विकराल हो गया था कि लोगों ने बाबरी मस्जिद ही तोड़ दी थी। धार्मिक नगरी अयोध्या में गोलियां चलीं। हजारों की संख्या में कारसेवकों ने गिरफ्तारियां दीं। हालांकि इस विवाद को सुलझाने की अब तक तमाम कोशिशें नाकाम रहीं। 1987 में राममंदिर का ताला खुला और उसके बाद आम सहमति से समझौते की कोशिशें भी हुईं, लेकिन ये कोशिशें कामयाब नहीं हो पाईं।

एजेंसी इनपुट सहित

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