बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी के लिए कक्ष निरीक्षकों की कमी

डीआईओएस ने किया है बीएसए से जवाब-तलब

Meerut. कई महीनों पहले से परीक्षा की तैयारियों में जुटा यूपी बोर्ड विभाग तैयारियों में फेल नजर आ रहा है. परीक्षा में उनकी तमाम तैयारियों पर कक्ष निरीक्षकों की कमी ने पानी फेर दिया है. बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा शुरु हो चुकी है. पिछले दो माह से परीक्षा की तैयारियों में विभाग बुधवार को परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षकों की खोज करने में पसीने छूट गए. दरअसल, विभाग को पूरी संख्या में कक्ष निरीक्षक नहीं मिल पाए. ऐसे में शिक्षा विभाग को हर साल की तरह इस साल भी परीक्षा बाबुओं व चपरासियों के भरोसे ही करानी पड़ रही है.

बाबुओं तक की ड्यूटी

केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की कमी को देखते हुए बीएसए से भी विभाग कई बार कक्ष निरीक्षकों की मांग कर चुका है. बावजूद इसके कोई ड्यूटी की हामी नही भर रहा है. ऐसे में कक्ष निरीक्षकों की कमी के चलते मजबूरन कई केंद्रों पर तो बाबुओ व चपरासियों तक की ड्यूटी लगा दी गई, जिसके चलते डीआईओएस व बोर्ड सचिव बीएसए से भी खफा है, ऐसे में बीएसए को डीआईओएस ने नाराजगी भरा खत लिखा है व कार्रवाई तक की बात कही है.

छूटी है आधी परीक्षा

परीक्षा शुरू होने से पहले जहां प्रवेश पत्रों की गड़बडि़यों को लेकर शिक्षा विभाग के कार्यालयों में अफरा तफरी का माहौल रहा. वहीं, परीक्षा शुरु होने के बाद भी प्रवेश पत्रों ने छात्रों को परेशान कर दिया है. जहां एक ओर प्रवेश पत्र देरी से भेजे जाने के कारण कुछ विद्यार्थियों की परीक्षा छूटी है. वहीं प्रवेश पत्रों पर परीक्षा विषय गलत होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा. क्योंकि पेपर गिनती के हिसाब से आए थे, वहीं दूसरी पाली में परीक्षा शुरु होने से पहले कुछ छात्र अपने प्रवेश पत्र की गड़बड़ी को सुधरवाने कार्यालय पहुंचे.

केंद्रों पर रहा टोटा

यूपी बोर्ड के हावर्ड प्लास्टेड, डीएन कॉलेज, एसडी लालकुर्ती, केके इंटर कॉलेज में कक्ष निरीक्षकों का भारी टोटा रहा. ऐसे में कई बेसिक विद्यालयों से कक्ष निरीक्षकों की मांग की गई थी, लेकिन बावजूद इसके कोई भी ड्यूटी करने को तैयार नही है.

बेसिक शिक्षा विभाग को लेटर लिखा गया है, लगातार डिमांड के बाद भी शिक्षक नहीं भेजे जा रहे है, ऐसे में अगर कोई ड्यूटी से इंकार करता है तो उसका तुरंत वेतन काटने की कार्रवाई की जाएगी.

गिरिजेश, डीआईओएस