मजीद नगर और जाकिर कालोनी नहीं बन सकीं सड़कें और नालियां

MEERUT। स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में मेरठ को प्रथम स्थान दिलाने के लिए लिए नगर निगम के दावे भले ही बडे़-बडे़ हो रहे हों, लेकिन हकीकत इससे कुछ इतर है। निगम का अभियान शहर के रिहायशी और वीआईपी इलाकों में चल रहा है, जबकि मुस्लिम बहुल इलाकों और मलिन बस्तियों में लोगों को इस अभियान की जानकारी तक नही है। इस संबंध में सोमवार को मेयर सुनीता वर्मा ने शहर के वार्ड 87-88 का निरीक्षण किया तो वार्डो में स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान तो दूर नियमित सफाई तक नही दिखाई दी।

कूड़ा बना समस्या

निरीक्षण के दौरान वार्ड-88 के मोहम्मदी कालोनी में मुख्य सड़को सफाई दिखी लेकिन कालोनी से आगे मजीद नगर, खजूर वाला पेड, शाहजहॅंा मजिस्द आदि क्षेत्र में गलियों से लेकर नालियों तक में गंदगी और जलभराव से कालोनी बदहाल मिली। गंदगी से नाराज मेयर ने क्षेत्रीय सफाई नायक हरी नारायण को जमकर फटकार लगाई। मेयर ने वार्ड 88 में रोजाना कम से कम दो ट्राली कूड़ा उठवाने का आदेश दिया। वार्ड 88 में डिवाईन स्कूल के पास वाली पुलिया, बडे मदरसे के पास वाली पुलिया, निर्माण कराने के साथ-साथ श्याम नगर पुलिस चौकी से गड्ढे वाली मस्जिद के सामने तक आरसीसी नाला निर्माण की मांग की गई।

गंदगी से अटी गलियां

वार्ड 87 में हापुड रोड से मोहसिना पब्लिक स्कूल से आगे तक जाकिर कालोनी आदि में नालिया सिल्ट से भरी मिलने पर मेयर ने क्षेत्रीय सफाई निरीक्षक गम्भीर और फिरोज को जमकर फटकार लगाई। क्षेत्रीय लोगों की शिकायत पर निगम के निर्माण विभाग के अवर अभियंताओं को आम वाली गली और पीर वाली गली को अधिक ऊंचा न करने का आदेश दिया।