RANCHI : अगर आपको बड़ा घर या अपार्टमेंट बनाना है और आरआरडीए से नक्शा पास नहीं हो रहा है तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। अब आरआरडीए द्वारा तत्काल ऑफ लाइन के माध्यम से यानी मैन्यूअली ही नक्शा पास किया जाएगा। नगर विकास सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि जब तक सॉफ्टवेयर सही तरीके से डेवलप नहीं हो जाता है तब तक ऑफ लाइन ही नक्शा पास करने का काम शुरू किया जाएगा।

फंसे हैं कई नक्शे

आरआरडीए के क्षेत्र में जिन लोगों का जमीनें आती हैं उन लोगों का नक्शा अभी पास नहीं हो पा रहा है। अपार्टमेंट बनाने के लिए भी बहुत सारे लोगों ने आवेदन किया है, लेकिन उनका भी नक्शा पास नहीं हो पाया है। यह नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब सभी लोगों का नक्शा पास होगा।

नई व्यवस्था तीन महीने तक

रांची सहित राज्य में बड़े भू-भागों पर बनने वाले भवनों व कॉलोनियों के लेआउट प्लान ऑफ लाइन मैनुअली पास होंगे। यह वैकल्पिक व्यवस्था तीन महीने तक के लिए है। नगर विकास सचिव ने बताया कि रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार द्वारा इस आशय का प्रस्ताव लाया गया था। जिस पर उन्होंने अपनी सहमति देते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री से अनुमोदन प्राप्त कर लेने का निर्देश दिया है। यह वैकल्पिक व्यवस्था राज्य के सभी क्षेत्रीय विकास प्राधिकारों के साथ सभी नगर निकायों के लिए भी लागू होगी।

सॉफ्टवेयर में है परेशानी

वर्तमान में ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान एप्रूवल एंड मैनेजमेंट सिस्टम से संबंधित सॉफ्टवेयर में बड़े प्लाट का लेआउट प्लान पास करने का प्रावधान नहीं है। जबकि सॉफ्टवेयर में भवनों के नक्शा पास करने का प्रावधान है। लंबित प्लाट के लेआउट पास नहीं होने से रोड, ब्रिज, गृह समितियों और अपार्टमेंट के नक्शे भी पास नहीं हो पा रहे हैं। इस पर विभागीय सचिव ने स्मार्ट सिटी की सॉफ्टवेयर बनाने वाली टीम से सहयोग लेकर स्कोप सॉफ्टवेयर के स्कोप ऑफ वर्क में अलग से मॉड्यूल बनाने का आदेश दिया है।

नगर विकास सचिव के मुताबिक इस काम में तीन महीने का समय लगेगा। इसलिए तीन महीने तक ऑफ लाइन यानी मैनुअली प्लाट के लेआउट प्लान को पास किया जायेगा। उन्होंने पुराने भवनों के विचलन एवं अन्य कार्यो को भी ऑनलाइन किये जाने का निर्देश दिया है।