पीएमद्वय के आगमन के मद्देनजर सड़कों पर लगी बैरीकेडिंग अब तक नहीं हटायी गयी

-हादसों का बन रही सबब, पब्लिक के लिए बन गए राह का रोड़ा

पीडब्ल्यूडी ने लगवायी थी बैरीकेडिंग, हटवाने का काम ठेकेदारों के जिम्मे

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डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन को शायद अभी भी किसी वीवीआईपी का इंतजार है तभी तो शहर के तमाम इलाकों से बैरीकेडिंग हटायी नहीं गयी है. पीएम नरेंद्र मोदी और जापानी पीएम शिंजों अबे की सिक्योरिटी के लिए हर संभावित रूट पर बैरीकेडिंग करायी गयी थी. पीएम का दौरा क्ख् दिसंबर को था. उन्हें गये चार दिन बीत गये हैं लेकिन अब तक बैरीकेडिंग नहीं हटायी गयी है. रोड पर मौैजूद बैरीकेडिंग हादसे का सबब बन रहे हैं. इसे पीडब्ल्यूडी की ओर से लगवाया गया था. लेकिन हटवाने के लिए उन्होंने ठेकेदारों के हवाले छोड़ दिया है.

बैरीकेडिंग को है हादसों का इंतजार

पीएमद्वय के आगमन के वक्त डिवाइडर्स के बीच और कनेक्टिंग रोड्स पर वीआईपी फ्लीट के दौरान पब्लिक को रोकने के लिए लगाए गए बैरीकेडिंग अब हादसों को दावत दे रही है. इससे एक ओर पब्लिक को सड़क पर चलने में परेशानी हो रही है. कई जगह पर लोग इसके कारण हादसे का भी शिकार हो रहे है. गलियों में लगायी गयी बैरीकेडिंग बच्चों के लिए झूला बन गयी है. मेन रोड पर झूलते बैरीकेडिंग से बड़े वाहनों को आने-जाने में परेशानी हो रही है.

किसकी है जिम्मेदारी

सिक्योरिटी के लिए लगायी गयी बैरीकेडिंग को हटाना किसकी जिम्मेदारी है इसका पता ही नहीं चल पा रहा है. इसे पीडब्ल्यूडी ने लगवाया है. इसे हटाने की जिम्मेदारी ठेकेदारों को दे दी है. बैरीकेडिंग की लकड़ी शहर के लोगों को ठण्ड से बचाने में मदद कर रही है. सर्दी का मौसम है और नगर निगम ने अलाव की व्यवस्था कुछ ही जगहों पर की है. लेकिन बैरीकेडिंग की लकड़ी अलाव का रूप ले सकती है यह बात समझते ही एरिया के लोग बैरीकेडिंग को खोलकर लकड़ी चुरा ले जा रहे हैं.

बैरीकेडिंग को हटाने के लिए ठेकेदारों को कह दिया गया है. इसे कई जगह से हटाया भी जा चुका है. जल्द सारे शहर से हटा दिया जाएगा.

अवधेश कुमार सिंह भदौरिया

पीडी पीडब्ल्यूडी