- बहाली को लेकर अस्थाई कर्मचारी कर रहे हैं प्रदर्शन

- प्रदर्शन के दौरान श्रीराम नाम का कर्मचारी हुआ बेहोश

BAREILLY:

बरेली कॉलेज में अस्थाई कर्मचारियों के प्रदर्शन के कारण छात्रों के भविष्य पर संकट छा गया है. बहाली की मांग को लेकर बर्खास्त अस्थाई कर्मचारियों ने तालाबंदी कर दी है. जिससे स्टूडेंट्स की काउंसलिंग और एडमिशन प्रक्रिया अधर में लटक गई है. बीसीबी में तालाबंदी मंडे को भी जारी रही. जिस कारण एमए और एम कॉम की काउंसलिंग नहीं हो सकी. बीए व बीएससी के छात्र-छात्राओं की एडमिशन प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ सकी. इससे एडमिशन प्रक्रिया में शामिल होने कॉलेज आए सैकड़ों स्टूडेंट्स को बिना काम ही खाली हाथ घर लौटना पड़ा. जिससे वह काफी परेशान दिखे. कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि काउंसलिंग के लिए दोबारा शेड्यूल जारी किया जाएगा. वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन के दौरान एक कर्मचारी बेहोश हो गया. जिसके इलाज के लिए हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया.

162 कर्मचारी कर रहे प्रदर्शन

बता दें कि कॉलेज प्रबंधन ने पिछले दिनों 162 अस्थाई कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी थीं. इससे परेशान कर्मचारियों ने बहाली को मांग को लेकर आंदोलन छेड़ दिया. कर्मचारी एकजुट होकर कॉलेज परिसर में ही धरने पर बैठ गए. फिर भी कॉलेज प्रबंधन ने कोई नरमी नहीं बरती. लिहाजा, आक्रोशित कर्मचारियों ने संडे को कॉलेज में तालाबंदी कर दी. मांग नहीं माने जाने पर मंडे को भी ताले नहीं खुले. पूरे दिन कर्मचारियों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. उनका कहना था कि वह प्रबंधन के सामने हार नहीं मानेंगे. कॉलेज प्रबंधन तानाशाही रवैया अपना रहा है.

जारी रहेगी तालाबंदी

अपनी मांग को लेकर धरने पर बैठे कर्मचारियों को सूरज की तपिश ने बेहाल किया. प्रदर्शन के दौरान श्रीराम नाम का एक अस्थाई कर्मचारी बेहोश हो गया. जिसे इलाज के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया. उधर, अस्थाई कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन से स्थाई कर्मचारी खुश नहीं हैं. लिहाजा, दोनों के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है. वह नहीं चाहते कि अस्थाई कर्मचारी इस तरह का धरना प्रदर्शन करें. कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती तालाबंदी जारी रहेगी.

कैसे मनेगा स्थापना दिवस

यदि, अस्थाई कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी रहा तो कॉलेज का स्थापना दिवस मनाए जाने पर भी संकट है. कॉलेज का स्थापना दिवस 17 जुलाई है. अभी तक कोई तैयारी प्रबंधन की ओर से नहीं की गई है. पिछले वर्ष भी बीसीबी ने अस्थाई कर्मचारियों ने बर्खास्त किया था. काफी दिनों तक कर्मचारियों ने आंदोलन किया था. जिसके कारण स्थापना दिवस नहीं मनाया जा सका था. ऐसे में एक बार फिर अस्थाई कर्मचारियों के आंदोलन के चलते स्थापना दिवस मनाए जाने पर संशय है.