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PRAYAGRAJ: पिछले कई दिनों से पारा रिकॉर्ड टेम्प्रेचर 44 से 46 डिग्री तक पहुंच रहा है। इसमें सबसे ज्यादा दिक्कत रोजेदारों को हो रही है। भीषण गर्मी के बीच माह-ए-रमजान में जरा सी लापरवाही आपकी मुसीबत बढ़ा सकती है। ऐसे में सहरी से लेकर इफ्तार तक खाने-पीने का खास ख्याल रखना चाहिए। इससे रोजे में किसी भी प्रकार की शारीरिक समस्या से बचा जा सकता हे। इसके लिए जरूरी है कि अपने डायटिशियन और डॉक्टर्स से सभी जरूरी सलाह लें और रोजा रखते वक्त इसे फॉलो करें।

मीठे से करें सहरी की शुरुआत
सिटी की फेमस डायटीशियन डॉ। प्रीति मिश्रा बताती हैं कि रोजेदारों के लिए जरूरी है कि सहरी के समय वह मीठे से शुरुआत करें। इसके लिए पेठा, तरबूज का शरबत जैसी वस्तुओं को अधिक तरजीह दें। मीठा खाने से लंबे समय तक प्यास से बचा जा सकता है और बॉडी को एनर्जी भी मिलती रहती है। इफ्तारी में सबसे पहले गुनगुने पानी में नींबू का थोड़ा रस डालकर सेवन करना चाहिए। इससे डायरिया होने का खतरा कम हो जाता है। इसके साथ ही अक्सर लोगों को गले में होने वाली दिक्कत से भी बचा जा सकता है। नॉर्मल लोगों को अधिक चिकनाई वाली चीजों के इस्तेमाल से बचना चाहिए। शाम को चना या मूंग का सैलेड और हल्का तला-भुना खाना चाहिए। इसके साथ ही मट्ठा सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है।

डायबिटीज के पेंशेंट्स दें ध्यान
वैसे डायबिटीज के पेशेंट्स के लिए किसी भी प्रकार का फास्ट रखने की मनाही होती है। फिर भी अगर ऐसे लोग रोजा रखते हैं तो उनको अपनी सेहत और खाने-पीने का खास ख्याल रखना चाहिए। डायबिटीज के पेशेंट्स के लिए जरूरी है कि वह सुबह हल्का गुनगुना पानी का सेवन करें। इसके बाद तरबूज का शरबत लें। आज के समय में मार्केट में शुगर फ्री मिठाइयां भी उपलब्ध हैं। डायबिटिक पेशेंट उनका यूज भी कर सकते हैं। इफ्तारी में डायबिटीज के पेशेंट्स शाम के समय सूजी का चिल्ला, बटर मिल्क, बिना चीनी के बेल का शरबत भी प्रयोग कर सकते हैं। इससे काफी एनर्जी मिलेगी और हेल्थ भी बरकरार रहेगी।