- सिटी में लगातार सामने आ रहे केसेज से खराब हो रही स्कूल्स की इमेज

- स्कूल मैनेजमेंट के लिए टीचर्स बन रहे मुसीबत, लगातार हो रही है काउंसलिंग

केस 1

गोरखनाथ स्थित एक प्राइवेट स्कूल में इंटरमीडिएट के एक छात्र की फिजिकल एजुकेशन के टीचर ने पिटाई कर दी. छात्र ने 100 नंबर पर डायल कर स्कूल में पुलिस को बुला लिया. पुलिस ने टीचर को थाने ले जाकर देर रात तक बिठाए रखा. स्कूल प्रबंधन की तरफ से रिक्वेस्ट के बाद किसी तरह छात्र के परिजनों ने समझौता किया.

केस 2

सूरजकुंड स्थित एक प्राइवेट स्कूल की टीचर्स के बीच झगड़ा होने से टीचर्स समेत प्रिंसिपल पर कार्रवाई हो गई. इस मामले में प्रिंसिपल की तरफ से ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर मैनेजमेंट की तरफ से कार्रवाई की गई.

केस 3

बक्शीपुर स्थित एक प्राइवेट स्कूल के कुछ टीचर्स ने मिलकर छात्र की ऐसी पिटाई की उसके कान का पर्दा ही फट गया. इस मामले में पीडि़त छात्र के पैरेंट्स की तरफ से कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई. जिसके बाद स्कूल मैनेजमेंट के पसीने छूट गए. पीडि़त छात्र के परिजनों से किसी तरह मामले को रफा-दफा करने की जोर आजमाइश शुरू कर दी गई. इस मामले में ऑडियो भी वायरल हुआ था.

केस 4

सिविल लाइंस स्थित एक ग‌र्ल्स स्कूल में क्लास 6वीं की छात्रा की बेरहमी से क्लास टीचर द्वारा पिटाई के बाद मामला गरम हो गया. लेकिन मैनेजमेंट की तरफ से पीडि़त छात्रा के पैरेंट्स को किसी तरह से मोटिवेट कर बच्ची का साथ देने का हवाला देते हुए महिला टीचर को तत्काल प्रभाव से स्कूल से बाहर कर दिया गया.

GORAKHPUR: बेवजह स्टूडेंट्स की बेरहमी से पिटाई करने वाले टीचर्स सिटी के स्कूल्स की इमेज खराब कर रहे हैं. पिछले एक महीने में ही सिटी के कई प्राइवेट स्कूल्स में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे न सिर्फ पैरेंट्स परेशान हैं बल्कि स्कूल मैनेजमेंट की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं. आपा खो स्कूल की इमेज पर दाग लगा रहे टीचर्स के रवैये को लेकर जिम्मेदार सतर्क हो गए हैं. स्कूल प्रबंधन द्वारा टीचर्स की काउंसलिंग कराई जा रही है ताकि वे बेहतर तरीके से बच्चों को समझ हैंडल कर सकें.

शिकायत आई तो जाएगी नौकरी

टीचर्स द्वारा स्टूडेंट की बेरहमी से पिटाई के मामलों को लेकर सिटी के स्कूल्स संजीदा हो गए हैं. पिछले दिनों ही सिटी के एक प्राइवेट स्कूल के स्टूडेंट ने टीचर द्वारा बेरहमी से पीटे जाने पर पुलिस से शिकायत कर दी. जिसके बाद टीचर को गिरफ्तार कर लिया गया था. एक अन्य मामले में प्राइवेट स्कूल के एक टीचर ने छात्र की ऐसी पिटाई की कि उसके कान का पर्दा ही फट गया. पिछले एक महीने में ही सामने आईं तमाम ऐसी शिकायतों को देखते हुए सिटी के प्राइवेट स्कूल संचालक बुरी तरह फंसते दिख रहे हैं. स्कूल वालों का कहना है कि वे अपने टीचर्स को सख्त हिदायत दे रहे हैं कि अगर व किसी भी बच्चे की पिटाई करते हैं तो उन्हें तत्काल स्कूल से बाहर कर दिया जाएगा. इसके लिए बकायदा स्टांप पेपर पर टीचर्स से सिग्नेचर भी करवाए जा रहे हैं.

बॉक्स

मैनेजमेंट ने किया किनारा

स्कूल्स की ओर से जहां टीचर्स की काउंसलिंग कराई जा ही है. वहीं हर क्लास के स्टूडेंट्स से इस बात का फीडबैक लिया जा रहा है कि कौन से टीचर पिटाई करते हैं. किसी टीचर के खिलाफ शिकायत मिलने पर उन्हें अल्टीमेटम दिया जा रहा है. मैनेजमेंट व प्रिंसिपल की तरफ से इस बात की हिदायत दी जा रही है कि अगर वे पिटाई या मेंटल टार्चर करते हैं तो उसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे. पैरेंट्स द्वारा कानूनी कार्रवाई में वह टीचर्स का साथ देने के बजाय पीडि़त स्टूडेंट्स का साथ देंगे.

कोट्स

टीचर्स को सख्त हिदायत दी गई है कि वे किसी भी बच्चे की पिटाई न करें बल्कि उसे प्यार से समझाए. अगर वह गलती करता है तो उसके पैरेंट्स स शिकायत करें.

- गिरीश चंद्र मिश्रा, प्रिंसिपल, ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल

मैं स्वयं पूरे क्लास का राउंड लेता रहता हूं. टीचर्स को ऑलरेडी बता दिया गया है कि वे किसी भी बच्चे को प्यार से समझाएं, अगर किसी प्रकार की शिकायत आती है तो मुझे अवगत कराएं. उसके पैरेंट्स से बात कर समस्या का समाधान निकाला जाएगा.

- सुमित समाजदार, प्रिंसिपल, नवल्स एकेडमी, मोहनापुर