-कानपुर के संवासिनी गृह पर भी उठ चुके हैं सवाल, कई संदिग्ध घटनाएं हो चुकी हैं यहां

- जांच के आदेश देकर कर दिया जाता है मामला शांत, सालों बीतने के बाद भी नहीं आई रिपोर्ट

KANPUR:

देवरिया के विंध्यवासिनी बालिका गृह में सेक्स रैकेट चलने के खुलासे के बाद पूरे प्रदेश में मचे हड़कंप के बीच दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट ने कानपुर के संवासिनी गृह के 'इतिहास' को खंगाला. शहर के राजकीय संवासिनी गृह के इतिहास के पन्ने भी 'पाक साफ' नहीं मिले. यहां हुई कई घटनाओं ने कई बार सवाल खड़े किए, लेकिन उनमें से एक का भी 'उत्तर' आज तक नहीं मिला? सबसे खास बात ये है कि यहां हुई ज्यादातर मामलों की जांच अभी जारी है. रिपोर्ट कब आएगी और दोषियों की सजा कब मिलेगी ये किसी को नहीं पता है.

मिली खुल गया 'खेल'

ट्यूजडे को विधान परिषद की संसदीय समिति की 4 सदस्यीय टीम ने डीएम, एसएसपी के साथ राजकीय संवासिनी गृह का औचक निरीक्षण किया. स्वरूप नगर स्थित राजकीय संवासिनी गृह में छापेमारी के दौरान संवासिनियों के आने-जाने का रजिस्टर चेक किया गया तो वह सही नहीं पाया गया. इसमें कौन संवासिनी कब आई और कब गई, इसकी रजिस्टर में कोई जानकारी नहीं थी. इस पर डीएम ने आपत्ति जताते हुए जांच के निर्देश एसीएम-4 को सौंपे हैं. अब आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि स्थिति कैसी है? जब ट्यूजडे को ही पूरा 'खेल' की परतें खुल गई.

हर साल होती है गड़बड़ी

कानपुर के संवासिनी गृह में जनवरी 2018 में ही एक संवासिनी की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी. इसे हैलट में एडमिट कराया गया था, जहां संवासिनी के रेप की पुष्टि हुई, लेकिन जांच को दबा दिया गया. इसमें जिला प्रोबेशन अधिकारी तक को हटा दिया गया था. प्रदेश के साथ ही देश में भी इस खबर की चर्चा हुई थी. बता दें कि इससे पहले भी कई संवासिनी या तो फांसी लगा चुकी हैं, या फिर वह संवासिनी गृह से भागने की कोशिश की है. आखिर ऐसा क्या है संवासिनी गृह में जो संवासिनियों को यह सब करने के लिए मजबूर करता है. हर मामले में जांच के नाम पर लीपापोती कर मामले को दबा दिया जाता है. लेकिन जांच रिपोर्ट नहीं आती है.

सवालों के घेरे में संवासिनी गृह

-6 जनवरी 2018 को संवासिनी गृह में युवती की संदिग्ध मौत.

-26 फरवरी 2014 को संवासिनी गृह में किशोरी ने फांसी लगाई.

-13 अप्रैल को संवासिनी गृह में युवती ने आत्महत्या कर ली.

- 31 जुलाई को पीडि़ता ने फिर खुदकुशी की कोशिश की.

-----------

संवासिनी गृह से बाहर आने-जाने का रिकॉर्ड मेनटेन करने वाले रजिस्टर में नंबरिंग नहीं की गई थी. इसके साथ ही रावतपुर में सीसीटीवी लगा नहीं पाया गया. सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं.

-विजय विश्वास पंत, डीएम, कानपुर नगर.