आगरा. एससी-एसटी एक्ट के विरोध में गुरुवार को सवर्ण समाज का बंद जनपद में असरदार रहा. शहर में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताया गया, तो देहात में सुबह शांति से शुरू हुआ प्रदर्शन दोपहर तक उग्र हो गया. इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर पथराव, तोड़फोड़ और पुलिस से झड़पें होती रहीं. पिनाहट में तो अनुसूचित जाति और सवर्ण समाज के बीच टकराव हुआ. इसके बाद तनाव बना रहा.

पिनाहट में बंद विरोधी और समर्थकों में पथराव

भारत बंद के समर्थन लेकर पिनाहट में पूरा बाजार बंद था. मगर, अनुसूचित जाति के लोगों की कुछ दुकानें खुलीं थीं. इन्हें बंद कराने पर सवर्णो से उनका टकराव हो गया. इसके बाद दोनों ओर से पथराव हुआ. किसी तरह पुलिस ने अश्रु गैस के गोले दागकर स्थिति नियंत्रित की. पिनाहट में सुबह 11 बजे सामान्य और अन्य पिछड़ी जाति के लोगों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम बाह अरुण कुमार को दिया. इसके बाद वे चले गए. बाजार में अनुसूचित जाति के लोगों की अलग-अलग मोहल्ले की दो दुकानें खुली थीं. कस्बे में बसों में भरकर पहुंचे कुछ सवर्णो ने इन्हें बंद कराने की कोशिश की तो मारपीट हो गई. इसके बाद अनुसूचित जाति के लोगों ने छतों पर मोर्चा लेकर पथराव किया तो सवर्ण नीचे से पथराव करते रहे. करीब आधा घंटे तक पथराव हुआ. पुलिस फोर्स कम होने के कारण आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं हुई. जातीय संघर्ष की सूचना पर कई थानों के फोर्स के साथ अधिकारी पहुंच गए. इसके बाद अश्रु गैस के गोले दागकर हालात काबू में किए. दोबारा बवाल की आशंका पर कस्बा छावनी बना दिया गया है. सीओ पिनाहट मोहसिन खान का कहना है कि इस मामले में पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज किया जा रहा है. दोनों पक्ष के लोगों की गिरफ्तारी की जाएगी.

एक्सप्रेस-वे जाम कर एसडीएम की गाड़ी और बसों में तोड़फोड़

खंदौली में गुरुवार को सुबह सात बजे से ही सवर्ण सड़क पर थे. मुढ़ी चौराहे पर बैठकर उन्होंने जलेसर रोड जाम कर दिया. यहां दोपहर बाद तक जाम लगा रहा. हाथरस रोड पर पोइया चौराहे के पास सुबह नौ से दस बजे तक जाम रहा. पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी यहां स्थिति संभालने में लगे थे तब तक प्रदर्शनकारी यमुना एक्सप्रेस वे पर पहुंच गए.

यमुना एक्सप्रेस वे की दोनों लेन पर खड़े होकर लोगों ने वाहन रोक लिए. सुबह 9.30 बजे से जाम लग गया. दोपहर एक बजे तक यहां जाम लगा रहा. पुलिस फोर्स के साथ एसडीएम एत्मादपुर भी वहां पहुंचे. उन्होंने ज्ञापन देने को कहा. मगर, प्रदर्शनकारी भाजपा के सांसद और विधायक को बुलाने पर अड़े थे. उन्होंने भाजपा और प्रधानमंत्री के विरोध में नारेबाजी भी की. दोपहर डेढ़ बजे पुलिस ने लाठीचार्ज कर ग्रामीणों को खदेड़ा. इससे गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव किया. पुलिस ने जवाबी पथराव कर उन्हें एक्सप्रेस वे से नीचे खदेड़ दिया. इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम एत्मादपुर की गाड़ी में तोड़फोड़ की. इस दौरान उनके चालक के भी चोट लग गई. इसके बाद उनका गुस्सा हाथरस रोड पर आ रहे वाहनों पर उतरा. पांच रोडवेज बसों के साथ कई निजी वाहनों में भी तोड़फोड़ की. पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को खदेड़ा. डीआइजी लव कुमार और डीएम एनजी रवि कुमार पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. एसपी पश्चिम अखिलेश नरायण सिंह ने बताया कि इस मामले में तीन मुकदमे दर्ज किए जाएंगे. इनमें से एक रोडवेज, दूसरा एसडीएम के चालक और तीसरा पुलिस की ओर से दर्ज होगा. उपद्रव करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी.

जगनेर रोड पर छात्रों ने लगाया जाम, खेरागढ़ में पीएम के पोस्टर फाड़े

खेरागढ़ में सुबह से बंद असरदार था. बाजार बंदी में चाय की दुकान और मेडिकल स्टोर तक बंद रहे. सुबह 10 बजे से ही जगनेर रोड पर स्थित दूधाधारी इंटर कॉलेज के सामने छात्र सड़क पर उतर आए. जाम लगाकर छात्रों ने प्रधानमंत्री के विरोध में नारेबाजी की. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक ग्रामीण भी वहां पहुंच गए. इसके बाद कई घंटे तक जाम लगा रहा. पुलिस को कागारौल से ही ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा. उधर, खेरागढ़ में सवर्ण समाज के लोग एकजुट होकर सड़क पर आ गए. तहसील कार्यालय के सामने पहुंचकर उन्होंने प्रधानमंत्री के होर्डिग उखाड़कर आग के हवाले कर दिए. इसी बीच वहां से गुजर रही एक निजी बस में भी तोड़फोड़ की. पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को खदेड़ दिया.

सैंया में हवाई फाय¨रग कर पुलिस ने खदेड़े प्रदर्शनकारी

सैंया में ग्वालियर रोड पर गुरुवार को सुबह से ही सवर्णो ने जाम लगा दिया. ककुआ, बाद पर एक घंटा हाइवे जाम रख विरोध जताया. इसके बाद तेहरा पर सुबह 11 बजे वीरई, बिरहरू, तेहरा और आसपास के ग्रामीणों ने जाम लगा दिया. एसडीएम खेरागढ़ और एसपी पश्चिम को ज्ञापन देने के बाद भी यहां जाम नहीं खुला. पुलिस ने लोगों को समझाया, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हुए. ऐसे में पुलिस ने लाठीचार्ज कर हवाई फाय¨रग भी कर दी. इसके बाद वहां भगदड़ मच गई. वहीं रोहता पर किसान नेता श्याम चाहर के नेतृत्व में एडीएम सिटी केपी सिंह को रोक किसानों और कॉलोनी के लोगों ने विरोध जताया. इसके बाद एडीएम सिटी को ज्ञापन दिया.