- महंगाई के साथ राफेल घोटाले को लेकर सड़क पर उतरेंगे कांग्रेस, सपा का भी है सहयोग

- बसपा ने भारत बंद से दूर रहने का लिया है फैसला

आगरा. भारतीय जनता पार्टी को घेरे जाने के लिए सभी विपक्षी दलों ने आज भारत बंद का आह्वान किया है. इसके लिए विपक्षी दलों ने व्यापक रणनीति बनाई है. वहीं पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है. एलआईयू से रिपोर्ट मांगी गई है. वहीं भाजपाई इस विषय पर मौन साधे हुए हैं.

पेट्रोल से लेकर डीजल के बढ़ रहे हैं मूल्य

सपा और रालोद का आरोप है कि चार साल में पेट्रोल डीजल के दामों में इतना इजाफा हुआ है, जितना कभी नहीं हुआ है. सत्ता में आने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता को ऐसे ऐसे सपने दिखाए, जिनकी अभी तक शुरूआत तक नहीं हो सकी है. जनता का भाजपा ने छला है. कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दुष्यंत शर्मा ने बताया कि भाजपा ने कांग्रेस पर महंगाई का आरोप लगाया था. लेकिन अब भाजपा जबाव दे, कि चार साल के कार्यकाल में जितनी महंगाई हुई है, उतनी महंगाई कांग्रेस के अभी तक के कार्यकाल में महंगाई नहीं हो सकी है. एक भी दिन ऐसा नहीं जाता है, जिस दिन पेट्रोल और डीजल के मूल्यों में वृद्धि न होती हो. गरीब, किसान, मजदूर की महंगाई के कारण कमर टूट चुकी है. जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता में आने से पहले जनता से वादा किया था कि महंगाई से निजात मिलेगी, हर युवा को रोजगार मिलेगा. जबकि युवा आज भी बेरोजगार घूम रहा है. जो भर्ती हों रही हैं, उनमें फर्जीवाड़ा हो रहा है. कानून व्यवस्था फेल है. पुलिस प्रशासन का तंत्र खत्म है. परीक्षा के पेपर लीक हो रहे हैं.

हर मोर्चे पर फेल सरकार

सपा के महानगर अध्यक्ष चौधरी वाजिद निसार ने कहा कि भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर फेल साबित हो रही है. रालोद के प्रदेश प्रवक्ता कप्तान सिंह चाहर ने कहा कि भाजपा शासन में किसान त्रस्त हैं. रालोद ने 33 दिन तक प्रदेश व्यापी आंदोलन चलाया था. विद्युत दरों में वृद्धि को लेकर आंदोलन के साथ ही ज्ञापन सौंपे थे. लेकिन महंगाई रुकने का नाम नहीं ले रही है. जिसके कारण सभी विपक्षी दलों ने भारत बंद का आहवान किया है. उन्होंने कहा कि देश की जनता भाजपा को वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में सबक सिखाएगी.