-किसी भी तरह के उत्पीड़न से परेशान ग‌र्ल्स के लिए बनेगा हाईटेक हेल्प डेस्क

-आशा ज्योति केन्द्र के बाद ग‌र्ल्स की प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए बीएचयू में भी बनेगा हाईटेक कंट्रोल रूम

बनारस में अगर किसी युवती या महिला किसी तरह के उत्पीड़न से त्रस्त है और उसकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं है तो उसे अब परेशान होने की जरूरत नहीं है. मिनिस्ट्री ऑफ वूमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट ने डीडीयू हॉस्पिटल में बने आशा ज्योति केन्द्र के बाद अब कॉलेज ग‌र्ल्स की प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए बीएचयू में हाईटेक कंट्रोल रूम बनाने की ओर कदम बढ़ाया है. इसके लिए मिनिस्ट्री ऑफ वूमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. जुपका माधवी ने खुद पहल की है. उनका कहना है कि बीएचयू समेत सभी वूमेन्स कॉलेज की ग‌र्ल्स व अन्य युवतियों की प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए रूम के साथ ही काउंसलिंग की भी व्यवस्था की जाएगी.

गवर्नमेंट को भेजा प्रपोजल

डॉ. जुपका माधवी ने आशा ज्योति केन्द्र के वन स्टॉप सेंटर में परेशान महिलाओं के लिए उठाये जा रहे कदम पर चर्चा करने के बाद डीएम योगेश्वर राम से मिलकर इस विषय पर चर्चा की. इसके साथ ही उन्होंने निर्भया फंड के पैसे से कंट्रोल रूम में सीसी टीवी कैमरा लगाने को कहा. जिस पर डीएम ने इसे जल्द तैयार करने का आश्वासन दिया. डॉ. माधवी ने बताया कि बीएचयू व अन्य कॉलेजों में ग‌र्ल्स के साथ बढ़ती घटनाओं को देखते हुए ही यह कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है. इसके लिए सेंट्रल व स्टेट गवर्नमेंट को प्रपोजल भेजा जा चुका है.

यहां हर समस्या का समाधान

बता दें कि न्याय के लिए दर-दर भटकने वाली महिलाओं के लिए पांडेयपुर स्थित डीडीयू हॉस्पिटल के कैंपस में दो साल पहले रानी लक्ष्मी बाई आशा ज्योति केंद्र की स्थापना की गई है. इस सेंटर में शहर की अलग-अलग समस्याओं से परेशान महिलाओं व युवतियों को एक ही छत के नीचे समाधान मिल रहा है. वन स्टॉप सेंटर की मैनेजर रश्मि दूबे की मानें तो सेंटर में समस्याओं के समाधान के साथ एफआईआर कराने से लेकर कोर्ट में चल रहे मामलों को निपटाने समेत इलाज की भी फैसिलिटीज दी जा रही हैं. इस संस्था के काम से प्रभावित होकर ही डॉ. जुपका माधवी ने बीएचयू में हाईटेक कंट्रोल रूम बनाने की पहल की है.

अब नहीं होगी दूरी

केस वर्कर सोनल श्रीवास्तव का कहना है कि कई बार ऐसा होता है जब दूर दराज की ग‌र्ल्स और वूमेन्स अपनी प्रॉब्लम को शेयर करने के लिए आशा ज्योति केन्द्र पर नहीं पहुंच पातीं. इनकी इस समस्या को देखते हुए बीएचयू में कंट्रोल रूम बनाने का प्रयास किया जा रहा है. यहां अगर ग‌र्ल्स किसी भी तरह के दबाव, उत्पीड़न या अन्य प्रॉब्लम को फेस कर रही हैं तो उनकी इस प्रॉब्लम को यहीं शार्टआउट कर दिया जाएगा. यही नहीं सेंटर में बाकायदा उनकी काउंसलिंग भी की जाएगी. उन्होंने बताया कि आशा ज्योति केंद्र में ग‌र्ल्स व वूमेन्स को पूरा न्याय मिलता है. पिछले दो साल में यहां 1035 केस आए हैं.

एक नजर आशा ज्योति केन्द्र पर

4,196

केस अब तक आए हैं हेल्प लाइन नंबर पर

1,035

केस मई 2016 से अब तक

85

प्रतिशत केस डोमेस्टिक वायलेंस

5

प्रतिशत केस रेप के

5

प्रतिशत दहेज उत्पीड़न व साइबर क्राइम के

5

प्रतिशत लापता के

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181 पर हेल्प के लिए कर सकती हैं कॉल

आशा ज्योति केन्द्र की सफलता को देखते हुए बीएचयू में भी इस तरह का कंट्रोल रूम बनाने का प्लान तैयार किया गया है. गवर्नमेंट की ओर से सहमति मिलते ही बीएचयू में यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी.

रश्मि दूबे, सेंटर मैनेजर, ओएससी