-तीन दिवसीय महिन्द्रा कबीरा फेस्टिवल के अंतिम शाम कैलाश खेर का चला जादू

-अपने सधे गले और सूफियाना अंदाज से श्रोताओं को कराया रुहानी एहसास

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VARANASI

संगीत में वो जादू है जो सुनने वालों को एक दूसरी ही दुनिया से मुखातिब कराता है और जब बात सूफी संगीत और उसके पर्याय बन चुके कैलाश खेर की हो तो कहना ही क्या? श्रोता अपनी सुधबुध खोकर उस खास एहसास से रूबरू होता है जिसकी तासीर रुहानी होती है. तब इस फानी दुनिया से बंदे का कोई सरोकार नहीं रह जाता. अस्सी घाट पर उपस्थित श्रोताओं ने रविवार को कुछ ऐसे ही रुहानी तासीर का एहसास किया. मौका था तीन दिवसीय महिन्द्रा कबीरा फेस्टिवल के अंतिम शाम का. प्रख्यात सूफी गायक कैलाश खेर ने अपनी जानदार आवाज के जादू से श्रोताओं को एक अलग ही दुनिया की सैर करायी. उन्होंने संत कबीर दास के निर्गुण दोहे सुनाये तो अपने गाये फेमस बालीवुड नंबर्स से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया. पिया के रंग दीना ओढ़नी, जाना जोगी दे नाल मैं, तेरे बिन नहीं लगदा दिल मेरा, प्रीत की लत मोहे ऐसी लागी जैसे गीतों को सुनकर श्रोता खुद को झूमने से रोक नहीं सके. इसके पूर्व कार्तिक शाह और निराली कार्तिक ने अपनी अपनी शानदार प्रस्तुति से श्रोताओं की वाहवाही बटोरी. उन्होंने कबीर, बुल्लेशाह, मीराबाई की रचनाएं सुनायीं.

सुबह भी सजी संगीत की महफिल

कार्यक्रम के अंर्तगत सुबह दरभंगा घाट पर संगीत की महफिल सजी. गायक हरप्रीत सिंह ने अपने बेहतरीन प्रस्तुति से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया. उनके बाद बनारस घराने की सुचित्रा गुप्ता ने सुगम शास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया. कौन ठगवा नगरिया लूटल हो, मौरे सैयां निकस गये मैं ना जैसे गीतों से उन्होंने श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया. दिन में साहित्य चर्चा में व‌र्ड्स और वाटर का आयोजन हुआ जिसमें लेखक विनायक सप्रे ने अपनी पुस्तक दोहानोमिक्स पर चर्चा की.

संगीत में ही है समस्या का समाधान : कैलाश खेर

महिंद्रा कबीरा फेस्टिवल में अपने गले का जादू बिखेरने पहुंचे सूफी गायक व पीएम नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता नवरत्नों में से एक कैलाश खेर ने कहा कि संगीत तो आज व्यक्ति की समस्याओं का सबसे बड़ा समाधान है. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में व्यक्ति इतने तरह के तनावों से घिरा है कि उसके पास खुद के लिए वक्त ही नहीं है. ऐसे में संगीत ही उसे एक बेहतर जिंदगी दे सकता है. पीएम नरेन्द्र मोदी के बाबत कहा कि इस समय देश का नेतृत्व एक सही व्यक्ति के हाथों में है. कहा कि काशी में विकास कार्य दिख रहा है. जल्दी ही यह एक नये रंग रूप में दुनिया के सामने होगी.