- दो दिवसीय आचार्य रामचंद्र शुक्ल नाट्य मंच का हुआ शुभारंभ

- पहले दिन तीन नाटकों का हुआ मंचन, कलाकारों ने दिखाया उत्कृष्ट अभिनय

<- दो दिवसीय आचार्य रामचंद्र शुक्ल नाट्य मंच का हुआ शुभारंभ

- पहले दिन तीन नाटकों का हुआ मंचन, कलाकारों ने दिखाया उत्कृष्ट अभिनय

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दशरूपक कला संस्कृति सेवा समिति व रंगूर क्रिएशन फाउंडेशन की ओर से दो दिवसीय आचार्य रामचंद्र शुक्ला नाट्य मंच का शुभारंभ शनिवार को हुआ. प्रो मंजीत चतुर्वेदी और डॉ मुक्ता की अध्यक्षता में हुए नाट्य मंचन की शुरुआत सेतु सांस्कृतिक संस्था की ओर से प्रतिमा सिन्हा निर्देशित हरिशंकर परसाई की रचना 'द्ववारिका का रहस्य' से हुई. इसके बाद रंगूर क्रियेशन ने ऋत्विक श्रीधर जोशी निर्देशित अमृता प्रीतम की कहानी 'जंगली बूटी' का मंचन किया. नाटक की पटकथा एक मासूम लड़की अंगूरी के ईदगिर्द घूमती है. काहनी में प्रेम की पेचीदगी और सरलता दोनों भावों को बेहतरीन तरीके से प्रस्तुत किया गया. अंगूरी की भूमिका अपर्णा लाहिरी ने निभायी. कार्यक्रम के अंत में दशरूपक कला समिति के कलाकारों द्वारा सुमित श्रीवास्तव निर्देशित व गौतम चटर्जी लिखित नाटक 'स्पेस' का मंचन हुआ. स्त्री की मन स्थिति की परिधि में घूमता नाटक स्पेस अंगीरा का आत्मचित्रण है. जो अपने प्रेमी व एकमात्र शुभचिंतक मित्र मोइज के समक्ष अपनी चेतना का खुल कर प्रक्षेपण करती जाती है. नाटक में अंगीरा की भूमिका सविता यादव ने तव मोइज की भूमिका उमेश भाटिया ने निभाया. विवेक वर्मा ने संगीत संचालन ने प्रस्तुति में चार चांद लगा दिया. कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि डॉ सत्यदेव त्रिपाठी व प्रो ऋचा कुमार का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया. धन्यवाद दशरूपक के सुमित श्रीवास्तव व रंगूर क्रिएशन के ऋत्विक श्रीधर जोशी ने दिया.