- BHU में आयोजित स्पेशल लेक्चर में बोले लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन

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VARANASI

भारत के सुरक्षा परिदृश्य में अभी चीन और पाकिस्तान ही मुख्य चुनौतियों के रूप में सामने हैं. हमें मनोवैज्ञानिक लड़ाई में पाकिस्तान के ऊपर बढ़त लेनी होगी. यह बातें शुक्रवार को रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने बीएचयू में कही. वह यूनेस्को चेयर एवं मालवीय शांति अनुसंधान केन्द्र की ओर से 'भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा: मुद्दे एवं चुनौतियां' विषयक स्पेशल लेक्चर में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि हमें एक समग्र रणनीतिक व राष्ट्रीय रक्षा नीति की जरूरत है. जिसमें नीति निर्माण प्रक्त्रिया के सक्रिय भागीदार के तौर पर उच्च सैन्य अधिकारियों को भी शामिल किया जाए. हमें एक मजबूत सैन्य कॉरपोरेट औद्यौगिक तंत्र की जरूरत है जो हमारी सुरक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति करे. रणनीतिक एवं सैन्य विज्ञान में बौद्धिकता का समावेश करने वाले जनरल हसनैन कारगिल युद्ध के भी नायक रहे हैं. अध्यक्षता करते हुए सोशल साइंस फैकल्टी की एक्स डीन प्रो. अंजू शरण उपाध्याय ने कहा कि भारत में मजबूत नागरिक-सैन्य संबंध हैं और इस तरह के संवाद से हमें भारतीय सेना के बारे में बहुत कुछ जानने को मिलता है. गेस्ट्स का वेलकम यूनेस्को चेयर प्रोफेसर प्रियंकर उपाध्याय एवं समन्वयक, मालवीय शांति केन्द्र ने किया. विषय प्रवेश ज्वॉइंट रजिस्ट्रार मंयक नारायण सिंह ने किया. संचालन अनीता डे ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन कॅ. मनोज मिश्रा ने किया.