नई दिल्ली (पीटीआई)। पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न से सम्मानित अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने के लिए सिर्फ देश से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग दिल्‍ली पहुंच गए हैं। भूटान के राजा जिग्‍मे खेसर नामग्‍याल वांग्‍चुक और बांग्लादेश के विदेश मंत्री अबुल हसन महमूद अली, अटल जी के अंतिम दर्शन के लिए शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, श्रीलंका के कार्यवाहक विदेश मंत्री लक्ष्मण किरीला, नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली, पाकिस्तान के कार्यवाहक सूचना मंत्री सैयद जफर अली और अफगानिस्तान के एक वरिष्ठ मंत्री भी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने के लिए दिल्ली में मौजूद होंगे।

लिबरेशन युद्ध में वाजपेयी का अहम योगदान

बांग्लादेश के विदेश मंत्री अबुल हसन महमूद अली ने भारत आने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि बांग्लादेश हमेशा लिबरेशन युद्ध में वाजपेयी के योगदानों को याद रखेगा, उन्होंने बांग्लादेश के लोगों के लिए एक सार्थक रूख अपनाए रखा। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का पार्थिव शरीर बीजेपी मुख्यालय पहुंच गया है। अंतिम दर्शन के लिए बीजेपी मुख्यालय के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और कई केंद्रीय मंत्री समेत हजारों नेता और लोग मौजूद हैं। अटल जी का 93 वर्ष की उम्र में गुरुवार को लंबी बीमारी के बाद करीब शाम पांच बजे ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) में निधन हो गया।


जब खाने के शौकीन अटलजी को रसगुल्‍लों से दूर रखने के लिए माधुरी दीक्षित से मिलवाया गया

कानपुर में एक ही क्‍लास में पढ़ा करते थे अटल बिहारी वाजपेयी व उनके पिता

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