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PATNA : मंगलवार को बिहार सरकार की ओर से बजट पेश किया गया. जिसमें खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के खाद्य सुरक्षा में पोषण पर जोर दिया गया है. गरीब को केवल दो वक्त के लिए भोजन ही नहीं बल्कि खाद्य सुरक्षा के तहत पोषण का भी ख्याल रखा गया. साथ ही विभिन्न जगहों से विमुक्त कराए गए बाल मजदूरों को ट्रेनिंग देने के लिए नालन्दा, नवादा और सीतामढ़ी में रेजिडेंशियल ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषणा की गई. लेकिन यह दो खबरें बिहार की स्थिति बताने के लिए काफी है. पहली खबर में फेंके गए सड़े आलू को खाने के लिए लोग मजबूर हैं और दूसरी में बजट के दिन ही मानव तस्करों से मुक्त कराए गए बाल मजदूर हैं.

सड़ा आलू खाकर गुजार रहे जिंदगी

सबसे तेज गति से बढ़ते बिहार की एक तस्वीर यह भी है. जिसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि जमीनी सच्चाई क्या है. बेगूसराय के तेघड़ा प्रखंड के मुसहरी, मरसैती, बजलपुरा, दनियालपुर, गौड़ा और बरौनी सहित कई गांवों के गरीब लोग सड़ा हुआ आलू खाकर अपनी ¨जदगी गुजार रहे हैं. बताया गया कि कोल्ड स्टोरेज में आलू सड़ने पर उसे निकाल कर एनएच 28 के किनारे फेंक दिया जाता है. और उसी आलू को चुनकर दर्जनों गांव के गरीब लोगों के घरों में सब्जी बनाई जाती है, जो बीमारी का कारण बन रहा है. अब सवाल यह उठता है कि क्या सही में बिहार सब्जी उत्पादन, उसमें भी आलू उत्पादन में भी देश में तीसरा स्थान रखता है.

चावल और सब्जी उत्पादन में तरक्की का दावा

सरकारी दावा है कि खाद्यान्न उत्पादन में बिहार आत्मनिर्भर हो रहा है. चावल, मक्का और सब्जियों के उत्पादन में तेजी से विकास कर रहे हैं. दस वर्ष पहले चावल उत्पादन में बिहार 8वें नंबर पर था. अब छठे नंबर पर हैं. मक्के में 5वें स्थान से तीसरे नंबर पर आ गए. इसी तरह सब्जी में देश में तीसरा स्थान है. फल में छठा, गोभी में दूसरा, आलू में तीसरा और लीची-मखाना में प्रथम स्थान है.

आखिर कब रुकेगी बाल मजदूरों की तस्करी

एक ओर बिहार सरकार बजट पेश कर रही थी दूसरी ओर मानव तस्करी से बिहार की बदनामी हो रही थी. महीनों पहले बाल श्रम के लिए ले जाए गए 11 बच्चों को आरपीएफ ने सोमवार की रात कोशी एक्सप्रेस से बेगूसराय स्टेशन से बरामद कर लिया. सभी बच्चों की उम्र 10 से 14 वर्ष के बीच की बताई गई है. आरपीएफ से बच्चों ने बताया कि हरियाणा के करनाल में ले जाकर फैक्ट्री में कार्य कराया जा रहा था. सही से मेहनताना भी नहीं दिया जा रहा था और मारपीट भी जा रही था. आरपीएफ इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार ने बताया कि बच्चे के अपहरण की सूचना मिली थी. कोशी एक्सप्रेस से बरामद किया गया. बच्चों के साथ चल रहा मानव तस्कर फरार हो गया.