PATNA : टॉपर्स घोटाला मामले में एसआईटी की छापेमारी पटना के साथ-साथ वैशाली में भी विभिन्न जगहों पर की गई. साथ ही वीआर कॉलेज में कागजातों को खंगाला. छापेमारी के डर से टॉपर और उनके परिजन तो फरार हैं ही वैशाली स्थित वीआर कॉलेज के पि्रंसिपल अमित कुमार उर्फ बच्चा राय भी फरार हैं. इस दौरान बुधवार को कॉलेज के परीक्षा केंद्र जीए इंटर हाईस्कूल की केंद्राधीक्षक शैल कुमारी व दो कर्मी को भी गिरफ्तार किया गया. लेकिन इस पूरे प्रकरण में इस कॉलेज में एकेडमिक सेशन ख्0क्भ्-क्7 में नामांकन लेने वाले लगभग तीन सौ छात्रों के भविष्य भी अधर में लटक गया है. मालूम हो कि स्कूल का एफिलिएशन निरस्त कर दिया गया है.

पटना से गिरफ्तार की गई शैल

एसआईटी ने शैल कुमारी को बुधवार की सुबह उनके पटना स्थित आवास से हिरासत में ले लिया. केंद्राधीक्षक के अलावे जांच टीम ने स्कूल के तीन अन्य कर्मियों अशोक कुमार सिंह, विश्वमोहन कुमार सिन्हा व दीनानाथ को भी हिरासत में लिया है. दोपहर में जांच टीम शैल कुमारी को लेकर हाजीपुर एसडीओ रोड स्थित जीए इंटर हाईस्कूल पहुंची. यहां लगभग एक घंटे तक जांच टीम ने कई कागजातों को खंगाला और उसे ज?त कर लिया. जांच टीम में शामिल पुलिस पदाधिकारी बीके शाही ने बताया कि स्कूल से महत्वपूर्ण कागजात मिले हैं.

कहा इसके लिए बोर्ड जिम्मेवार

शैल ने गड़बड़ी के लिए बोर्ड को जिम्मेदार ठहराया है. कहा कि इसमें एग्जामिनेशन सेंटर का कोई रोल नहीं है. एसआईटी के द्वारा उन्हें मूल्यांकन वाली कॉपी दिखाई गई, जिसे देखकर वे खुद हतप्रभ हैं. शैल ने कहा कि बोर्ड स्तर पर कॉपी में गड़बड़ी व छेड़छाड़ की गई है.

टॉपस, प्राचार्य के घर नोटिस

एसआईटी ने विशुन राय कॉलेज के प्राचार्य बच्चा राय, इंटर आ‌र्ट्स टॉपर रूबी राय व साइंस के दोनों टॉपर के घर पर नोटिस भी चिपकाया है. इस दौरान पुलिस को न तो प्राचार्य मिले और न ही दोनों टॉपर. रूबी राय के घर के बाहर गेट पर ताला लटका हुआ था, इस कारण पुलिस ने घर के मेन गेट पर गांधी मैदान थाना परिसर स्थित महिला थाना पर पूछताछ के हाजिर होने का नोटिस चिपका वापस लौट गई. वहीं सौरव श्रेष्ठ, उसकी मां व पिता घर पर नहीं थे. दूसरी तरफ बच्चा राय के घर पर भी पुलिस ने वर्ष ख्0क्ब् में बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा की टॉपर शालिनी राय को लेकर भी नोटिस दिया. शालिनी प्राचार्य अमित कुमार की पुत्री है. नोटिस शालिनी की दादी ने रिसीव किया.

जीत की खुशी पर भारी विवाद

टॉपर्स घोटाले में फंसने व मामला दर्ज होने के बाद साइंस टॉपर रहे सौरव श्रेष्ठ के घर पर सन्नाटा पसरा है. उसकी मां उषा देवी करताहां बुजुर्ग से इस बार मुखिया पद पर विजयी हुई हैं. लेकिन जीत की इस खुशी पर टॉपर विवाद हावी होता दिख रहा है. बुधवार की सुबह जब एसआईटी की टीम लालगंज के पचदमिया स्थित सौरभ के घर नोटिस लेकर पहुंची तो घर पर न तो सौरभ था और न ही उसके माता-पिता. घर पर सन्नाटा पसरा हुआ था.

फोरेंसिक रिपोर्ट खोलेगी राज

फोरेंसिक जांच टीम बिहार के टॉपर घोटाले का राज खोलने की तैयारी में जुट गई है. पुलिस ने इस मामले में अब तक जितने भी सामान ज?त किए हैं उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. हैंडराइटिंग के साथ अन्य कई बिंदुओं पर जांच करने के लिए पुलिस की एसआईटी ने फोरेंसिक टीम को साक्ष्य दिया है. विभाग में चर्चा है कि पुलिस ने इतना अभिलेख इकट्ठा किया है बड़ा खुलासा होगा. साथ ही पुलिस अभी और अभिलेख व साक्ष्य इकट्ठा करने में जुटी है. इसके लिए छापेमारी चल रही है.

बरती जा रही गोपनीयता

जांच को लेकर पुलिस काफी गोपनीयता बरत रही है. इस मामले में ज?त की गई फाइलें, सीपीयू और पेन ड्राइव के साथ सीसीटीवी कैमरा फुटेज कहां है इसकी किसी को भनक तक नहीं लग पा रही है. फोरेंसिक मुख्यालय पर तो इसे लेकर विशेष टीम जांच पड़ताल करने की तैयारी में है.

बोर्ड और परीक्षा केंद्र के साथ अन्य स्थानों से बरामद अभिलेख की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी. इसके बाद साक्ष्य इकट्ठा होते ही दोषियों पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

- मनु महाराज, एसएसपी